भारत सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ग्रुप बी और सी के कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के कर्मचारियों की पहली कैडर समीक्षा को मंजूरी दे दी है। इसका कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। कार्यान्वयन में कुल 23,710 कर्मियों की तत्काल पदोन्नति शामिल होगी। विभिन्न रैंकों में कुल 8116 पदोन्नति आदेश आज जारी किये जा चुके हैं। सीमा सुरक्षा बल के मुताबिक, यह सरकार का एक महत्वपूर्ण मनोबल बढ़ाने वाला कदम होगा। बीएसएफ जवानों ने ऑपरेशन सिन्दूर में अहम भूमिका निभाई थी।
ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' के जवानों की वीरता को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी माना था। बीएसएफ जवानों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था।
अमित शाह ने जम्मू में बीएसएफ जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जब पाकिस्तान ने हमारे नागरिक रियाहशी इलाकों पर हमला किया, तब अकेले बीएसएफ के जम्मू फ्रंटियर ने 118 से ज्यादा पाकिस्तान की पोस्ट तबाह कर दी। उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया गया। दुश्मन की संपूर्ण निगरानी प्रणाली को चुन-चुन कर ध्वस्त किया गया।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, उसे खड़ा करने में दुश्मन को शायद चार-पांच साल का समय लगे। कैडर समीक्षा से कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक पदोन्नति के अवसरों में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे उन्हें मौजूदा स्थिरता से महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। इससे बल कर्मियों का समग्र मनोबल और पेशेवर विकास बढ़ेगा।