चार साल पहले तक आयकर विभाग से छूट प्राप्त करने वाले डेरा सच्चा सौदा द्वारा नियंत्रित सामाजिक और धार्मिक संगठन अब ‘निजी’ हो गए हैं। एक आरटीआई के जवाब में इसका खुलासा हुआ है।
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश वर्मा द्वारा आरटीआई से इस आशय की जानकारी मांगी गई थी। इसके जवाब में आयकर विभाग के चंडीगढ़ स्थित उपायुक्त कार्यालय ने 29 सितंबर को बताया कि मांगी गई जानकारी ‘तीसरे पक्ष’ की श्रेणी में आता है।
सूचना के अधिकार कानून की धारा 11 में इसका उल्लेख है। कार्यालय ने कहा कि मांगी गई जानकारी का जनहित से कोई सरोकार नहीं है। हालांकि आयकर कार्यालय सिरसा ने डेरे से जुड़े इन संगठनों का आयकर ब्योरा जुलाई, 2013 में मुहैया कराया था।
ये भी पढ़ेंः जेल जाते ही हनीप्रीत बोली- मुझे पापा वाली जेल में भिजवा दो...
उस सूचना के मुताबिक, डेरा सच्चा सौदा, बेगू रोड, शाह सतनामजी मार्ग, सिरसा की 2010-11 में कर मुक्त आय 29.18 करोड़ रुपये थी। वहीं, शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन की कर मुक्त आय 16.52 करोड़ रुपये थी।
इसके अलावा परमपिता शाह सतनामजी एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी की कर मुक्त आमदनी 1.80 करोड़ और शाह सतनाम ग्रीन एंड वेलफेयर फोर्स सोसाइटी की कर मुक्त आय 3 करोड़ रुपये थी। ये सभी संगठन सिरसा में स्थित हैं। इस मामले में डेरे के इन संगठनों को निजी संगठन की श्रेणी में डालने पर पूछने पर पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त ए एन तिवारी ने बताया कि कर में छूट सरकार ने दी है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी खजाने का नुकसान है, जनता को इसके बारे में जानने का अधिकार है।