फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Strike: ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आज देशभर में केमिस्ट-ड्रगिस्ट करेंगे हड़ताल, मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद

Wed, 20 May 2026 05:35 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल का फैसला लिया है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को तुरंत रोका जाए। हड़ताल के दौरान देश भर में मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं के लिए दवाएं दी जाएंगी।
विज्ञापन
आज 24 घंटे तक नहीं मिलेंगी दवाएं - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देशभर में बुधवार को 24 घंटों के लिए मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन दवा बिक्री की वैधता और नियमों पर सवाल उठाते हुए 20 मई, 2026 को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी दवा बिक्री हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि वर्तमान में ऑनलाइन दवा बिक्री पूरी तरह से गैरकानूनी है और उन्होंने सरकार से संबंधित अधिसूचनाओं को रद्द करने और एक नई नियामक रूपरेखा तैयार करने की मांग की है।
विज्ञापन




एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने बताया कि हाल ही में शुरू हुई ऑनलाइन दवा बिक्री नियमों का उल्लंघन करती है। उन्होंने विशेष रूप से जीएसआर 817 अधिसूचना का जिक्र किया, जिसे उन्होंने और संगठन ने पहले ही अनुचित बताया था। शिंदे के अनुसार, ऑनलाइन दवा बिक्री से माफिया को बढ़ावा मिल सकता है और इसके लिए एक मजबूत आईटी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है, जिसका अभाव है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बंगाल में OBC पर शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला: धर्म आधारित आरक्षण व्यवस्था खत्म; 66 समुदायों को फिर मिला लाभ

संगठन की मुख्य तीन मांगें
  • जीएसआर 817 अधिसूचना को रद्द करना: एआईओसीडी का मानना है कि यह अधिसूचना ऑनलाइन दवा बिक्री को वैध बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
  • नई नियामक रूपरेखा का मसौदा तैयार करना: मौजूदा अधिसूचना को रद्द करने के बाद, संगठन एक नई और मजबूत नियामक रूपरेखा के निर्माण की मांग कर रहा है, जो ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित कर सके।
  • ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक: सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि ऑनलाइन दवा बिक्री को तुरंत बंद किया जाए।
इसके अतिरिक्त, एआईओसीडी ने जीएसआर 220 अधिसूचना को भी रद्द करने की मांग की है, जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान लागू किया गया था। संगठन का तर्क है कि महामारी के दौरान फार्मासिस्ट ही दवाइयों के एकमात्र प्रदाता थे।
विज्ञापन

 

छूट और मार्जिन का मुद्दा
एआईओसीडी ने ऑनलाइन दवा प्लेटफार्मों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट पर भी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि या तो इन छूटों को बंद किया जाना चाहिए या दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) में संशोधन करके फार्मासिस्टों के लिए मार्जिन बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि वे भी उपभोक्ताओं को अधिक छूट दे सकें।

ये भी पढ़ें: Report: दुनिया में आसमान छू रहे थे कच्चे तेल के दाम, तब भारत में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर रोकी महंगाई

आपातकालीन सेवाओं के लिए व्यवस्था
यह स्पष्ट किया गया है कि हड़ताल के दौरान भी आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। एआईओसीडी ने इस उद्देश्य के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। आंध्र प्रदेश में लगभग 43,000 मेडिकल स्टोर 20 मई को एक दिन के लिए बंद रहेंगे। एआईओसीडी से जुड़े आंध्र प्रदेश केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीवी रत्नम ने कहा कि दक्षिणी राज्य में आज विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। एआईओसीडी 12.4 लाख से अधिक केमिस्टों और दवा वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें