गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारे गए यूपी के अमरोहा के हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की लाश रविवार देर शाम जैसे ही उसके गांव पहुंची वहां बवाल हो गया। कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खिलाफ जनाक्रोश भड़क उठा। हजारों लोग सड़कों पर आ गए। उन्होंने होर्डिंग, टिनशेड व प्याऊ तोड़ दिए और मंत्री के दर्जनों पुतले फूंके। इसके बाद भीड़ ने संभल चौराहे पर हाईवे जाम कर दिया।
लोगों की मांग थी कि महबूब अली को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। 15 घंटे के भीतर उन्हें व उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया जाए। मुरादाबाद में पोस्टमार्टम के बाद करीब सवा पांच बजे शौकत पाशा का शव उसके पैतृक गांव फत्तेहपुर माफी पहुंचा, जिसको देखते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हर तरफ ‘महबूब अली मुर्दाबाद, कैबिनेट मंत्री पर एफआईआर दर्ज करो, मंत्री पद से बर्खास्त करो’ के नारे गूंजने लगे। पूरा संभल मार्ग लोगों की भीड़ से खचाखच भर गया।
गुस्साई भीड़ ने सड़क किनारे जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ मंत्री व उसके रिश्तेदार पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और उनको 15 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की जिद पर अड़ गई। मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग भी होने लगी। मामले को बिगड़ते देख अफसरों ने जनपद भर की फोर्स को मौके पर बुला लिया। देर रात तक एसपी व एएसपी भारी फोर्स के साथ हाईवे पर मौजूद थे। आक्रोशित लोगों को समझाने की कार्रवाई में जुटे थे, मगर कोई भी मानने को तैयार नहीं था। देर रात तक लाठी डंडे लेकर भीड़ हाईवे पर बैठी थी।