सिद्दीक कप्पन को ले जाती पुलिस
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को गिरफ्तार केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन का मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। यह आरोप लगाया गया है की कोरोना पॉजिटिव होने के बाद कप्पन को मथुरा के अस्पताल में बेड़ियों में जकड़ कर रखा गया है।
कप्पन को गत वर्ष पांच अक्टूबर को हाथरस के रास्ते में तब गिरफ्तार किया गया था जब वह गैंगरेप की पीड़िता के गांव जा रहा था।
चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस आरोप को गलत बताया। हालांकि पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को मंगलवार शाम तक कप्पन का मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि यह याचिका विचारयोग्य नहीं है। यह हैबियस कॉरपस याचिका में दाखिल किया गया आवेदन है। कप्पन ट्रायल कोर्ट के आदेश के तहत न्यायिक हिरासत में हैं।
वहीं केरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट की ओर से पेश वकील ने कहा कि 20 अप्रैल को कप्पन वॉशरूम में गिर गया था। अगले दिन वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कप्पन को बे?ियों में जकड़ कर रखा गया है। बहरहाल, पीठ ने यूपी सरकार को मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई बुधवार तक के लिए टाल दिया।