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सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा, किसी भी देश में असीमित नहीं हो सकती ऑक्सीजन

Wed, 28 Apr 2021 04:48 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • कोविड प्रबंधन से जुडे़ मसले पर गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि कोविड-19 मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि ने उपलब्ध संसाधनों पर बोझ पड़ा है
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supreme court - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि किसी भी देश में चिकित्सा ऑक्सीजन असीमित नहीं हो सकती। सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा है कि वह कोरोना मरीज को राहत पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर ले लिया है और वह शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

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गृह मंत्रालय ने हलफनामा देकर कहा, आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर कर रहे काम, शुक्रवार को होगी सुनवाई
सरकार ने कहा है ऑक्सीजन की आपूर्ति सभी राज्यों को करनी होती है। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि जहां कोविड-19 के मामले ज्यादा हैं, उन पर ध्यान दिया जाता है। इसमें संतुलन बनाने का प्रयास किया जाता है। कोविड प्रबंधन से जुडे़ मसले पर गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि कोविड-19 मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि ने उपलब्ध संसाधनों पर बोझ पड़ा है। यही कारण है कि ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति के लिए नए-नए उपाय किए जा रहे हैं।

सरकार ने कहा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 162 पीएसए ( प्रेशर स्विंग अब्जॉर्प्शन) तकनीक के माध्यम से देशभर में स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने में जुटा है। अपने हलफनामे में सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय उपलब्धता पर गौर किए बगैर किसी न्यायिक आदेश या किसी अन्य के जरिए अगर किसी खास राज्य को ऑक्सीजन देने की बात की जाती है तो इससे दूसरे राज्यों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। दूसरे राज्यों को इससे नुकसान हो सकता है।
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जिन राज्यों में संक्रमण ज्यादा, उन पर अधिक ध्यान
केंद्र सरकार ने कहा है सरकार अपने कई उपलब्ध संसाधनों के जरिए ऑक्सीजन जुटाने का प्रयास कर रही है और सभी राज्यों को आपूर्ति कर रही है। खासकर उन राज्यों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है जहां कोरोना के मामले अधिक है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि कोरोना महामारी की यह लहर अप्रत्याशित है और काफी तेजी से बढ़ रही है।

पीएम, गृह मंत्री लगातार कर रहे निगरानी
हलफनामे में कहा गया है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सक्रिय और निरंतर निगरानी में ऑक्सीजन आपूर्ति को बढ़ाने में युद्धस्तर पर लगी हुई है। इसके लिए नए उपायों को लागू किया जा रहा है। सभी राजनीतिक दल पार्टी लाइनों से हटकर समन्वय कर रहे हैं।

आयात, उत्पादन से लेकर हरसंभव उपाय कर रहे
सरकार ने कहा, विदेशों से भी ऑक्सीजन उपकरण आयात किए जा रहे हैं। औद्योगिक गैस उत्पादन करने वाली कंपनियों को चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है। टैंकरों की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा कई अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं।

सरकार ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र में कोविड के मामले अधिक होने के कारण वहां ऑक्सीजन उत्पादन से अधिक मांग हो रही है। मध्यप्रदेश में भी उत्पादन की क्षमता है उससे चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है।

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