दिग्गज आईटी कंपनी टेक महिंद्रा को हैदराबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसके तहत टेक महिंद्रा की 822 करोड़ रुपए की एफडी अस्थाई रूप से जब्त की गई थी। जस्टिस वी रामासुब्रमण्यण और जस्टिस जे उमादेवी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
ईडी ने 2012 में मनी लॉन्ड्रिग निरोधक कानून के तहत एफडी को कुर्क करने का आदेश दिया था। यह कदम घोटाले का शिकार हुई आईटी कंपनी सत्यम कम्प्यूटर्स का टेक महिंद्रा द्वारा औपचारिक रूप से अधिग्रहण करने के पहले उठाया गया। जब्ती के समय ईडी ने कहा था कि यह रकम सत्यम कम्प्यूटर्स ने गलत तरीके से कमाई थी।
टेक महिंद्रा के वकील विवेक रेड्डी ने बताया , हमने कोर्ट के समक्ष यह तथ्य रखा कि जब मेरे मुवक्किल ने 2009 में सत्यम कम्प्यूटर्स का अधिग्रहण किया तब उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी। टेक महिंद्रा ने यह रकम रामलिंगा राजू द्वारा स्थापित सत्यम कम्प्यूटर्स के पुनरुद्धार के लिए लगाई। वहीं, ईडी की ओर से पेश पीवीपी सुरेश कुमार ने कहा, हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।