सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक रियल इस्टेट डवलपर्स से कहा है कि वह उन 17 निवेशकों केरकम वापस करें जो नोएडा एक्सप्रेसवे स्थित एमराल्ड कोर्ट सोसायटी में फ्लैट नहीं लेना चाहते हैं। शीर्ष अदालत ने सुपरटेक से कहा कि कंपनी डूबे या खत्म हो जाए, इससे हमें कतई मतलब नहीं है, हर हालत में 17 निवेशकों के पैसे वापस होने चाहिए।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति आदर्श गोयल की पीठ ने सुपरटेक से कहा कि कंपनी डूबे या मर जाए, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता, आपको निवेशकों के पैसे वापस करने होंगे। पीठ ने कहा कि हमें कंपनी की वित्तीय स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है।
पीठ ने सुपरटेक को जनवरी 2015 से लेकर अब तक के मूल रकम का 10 फीसदी सालाना केहिसाब से 17 निवेशकों को रकम लौटाने के लिए कहा है। पीठ के इसके लिए सुपरटेक को चार हफ्ते का वक्त दिया है। पीठ ने सुपरटेक को रकम अदायगी का चार्ट तैयार कर पेश करने के लिए कहा है। इन याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें फ्लैट नहीं चाहिए, वह अपना पैसा वापस चाहते हैं। अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।