VPP अर्देंट बसाइवमोइत ने राज्यपाल के भाषण का विरोध करते हुए कहा कि हिंदी भाषी राज्यपालों को हमारे पास भेजा जा रहा है, हम समझ नहीं पा रहे हैं कि वे क्या बोलते हैं, इसलिए हम सदन से वॉकआउट करेंगे।
मेघालय विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में राज्यपाल फागू चौहान ने हिंदी में भाषण दिया तो विपक्षी दल वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी (VPP) के विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामा करने के बाद VPP के विधायक सदन से वॉकआउट करके बाहर चले गए।
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विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा और मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा के हस्तक्षेप करने और यह समझाने के बावजूद कि राज्यपाल के लिए अंग्रेजी पढ़ना थोड़ा मुश्किल है, वीपीपी अध्यक्ष अर्देंट बसाइवमोइत और पार्टी के तीन अन्य विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। विपक्षी विधायकों ने कहा कि मेघालय विधानसभा की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, इसलिए राज्यपाल को भी अंग्रेजी में ही भाषण देना चाहिए।
VPP नेता ने क्या कहा?
VPP अर्देंट बसाइवमोइत ने राज्यपाल के भाषण का विरोध करते हुए कहा कि हिंदी भाषी राज्यपालों को हमारे पास भेजा जा रहा है, हम समझ नहीं पा रहे हैं कि वे क्या बोलते हैं, इसलिए हम सदन से वॉकआउट करेंगे। सदन से बाहर निकलते हुए उन्होंने कहा, 'हम इस कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और जो लोग अपमानित महसूस नहीं करते हैं, वे सदन में बैठ सकते हैं। हम इसका हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं।'
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
VPP विधायकों के विरोध के बीच मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा, 'नियमानुसार लिखित भाषण सदन में प्रसारित किया गया है। एक व्यक्ति जिसकी कुछ सीमाएं हैं और वह अंग्रेजी नहीं पढ़ सकता है, इसलिए एक लिखित भाषण प्रसारित किया गया है। इस तरह के अपमान को देखकर दुख होता है।'
स्पीकर ने राज्यपाल को हिंदी में संबोधित करने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा, 'मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि कृपया सदन की मर्यादा बनाए रखें और जब राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रहे हों तो चिल्लाएं नहीं।'