विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की सोमवार को संविधान क्लब में हुई अहम बैठक में केंद्र सरकार को आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई गई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (एससीपी) सांसद सुप्रिया सुले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
बैठक में खरगे ने इन मुद्दों पर की चर्चा
बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि देश महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और आर्थिक सुस्ती जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर लाखों लोगों के मतदान अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है।
विपक्ष की एकजुटता का दिया उदाहरण
खरगे ने कहा कि विपक्ष ने संसद में एकजुटता दिखाते हुए परिसीमन विधेयक समेत कई विवादित विधेयकों को पराजित किया था और अब इसी एकता को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और परेशान करने के लिए किया जा रहा है, जबकि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
एमएसएमई क्षेत्र के भविष्य पर जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नए निवेश की रफ्तार रोजगार सृजन की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि निजी एकाधिकार लगातार बढ़ रहे हैं। साथ ही परीक्षा प्रणाली में अव्यवस्था के कारण लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
बैठक से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि INDIA ब्लॉक 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों पर भी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाईचारे को मजबूत करना जरूरी है। एनसीपी (एससीपी) सांसद सुप्रिया सुले ने भी देश में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को गंभीर मुद्दा बताया।
भाजपा ने आईएनडीआईए ब्लॉक की बैठक पर तीखा हमला बोला
हालांकि, भाजपा ने INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्षी गठबंधन जनता का समर्थन खो चुका है और यह केवल सत्ता की राजनीति करने वाले नेताओं का जमावड़ा बनकर रह गया है।
बैठक में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए, जबकि द्रमुक (DMK) के प्रतिनिधि मौजूद नहीं रहे। हालांकि वामपंथी नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि डीएमके भले बैठक में शामिल नहीं हो रही हो, लेकिन वह विपक्षी एकता के साथ खड़ी है। बैठक के बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करने का भी कार्यक्रम तय किया।