भ्रष्टाचार मामले में लालू यादव और अरविंद केजरीवाल पर शिकंजा कसने के बाद राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्ष के महागठबंधन में बिखराव का डर पैदा हो गया है। लिहाजा विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एकजुटता की कड़ी को बनाए रखने की कोशिश में जुट गए हैं।
जदयू नेता केसी त्यागी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी इस तरह की कोशिशें तेज हो गई हैं। त्यागी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि लालू और केजरीवाल के खिलाफ मामले सामने आने के बाद भी विपक्ष की एकजुटता मजबूत है।
केजरीवाल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का जो भी उम्मीदवार होगा, उसको बिना शर्त समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर राज्य में सरकार बनाने की इच्छा को पूरा करने के लिए यह सब कुछ हो रहा है। लालू यादव के साथ जब हमने गठबंधन किया था तब भी वह इस मामले में दोषी थे और आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोई नई बात नहीं हुई है।
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भी केजरीवाल और लालू यादव से बात की है। सूत्रों ने बताया कि भाजपा को जवाब देने के लिए विपक्ष जल्द ही सार्वजनिक तौर पर अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश करेगा और एकसुर में भाजपा पर निशाना साधेगा।