फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन संकट पर भारत का रुख: विपक्ष का सरकार पर निशाना, कहा- नेहरू की आलोचना करने वाले गुटनिरपेक्ष नीति अपना रहे

Sat, 26 Feb 2022 10:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि दिलचस्प बात यह है कि जो लोग भारत के पहले पीएम नेहरू की आलोचना करते हैं, वे संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थिति को सही ठहराने के लिए गुटनिरपेक्ष नीति का उपयोग कर रहे हैं
विज्ञापन
प्रियंका चतुर्वेदी - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर भारत के मतदान से दूर रहने के बाद कई विपक्षी नेताओं ने शनिवार को सरकार की आलोचना की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि उसे गलत के खिलाफ खड़े होने की जरूरत है न कि एक तरफ खड़े होने की। इस दौरान शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि नेहरू की आलोचना करने वाले संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थिति को सही ठहराने के लिए गुटनिरपेक्ष नीति का उपयोग कर रहे हैं।

विज्ञापन


यूएनएससी के प्रस्ताव पर भारत की नीति को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि एक समय आता है जब राष्ट्रों को गलत के खिलाफ खड़े होने की जरूरत होती है न कि एक तरफ खड़े होने की। उन्होंने कहा कि दोस्तों को भी बताया जाना चाहिए कि वे कब गलत हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी उनका समर्थन करते हुए लिखा कि आक्रमण आक्रमण होता है, यह सरकार को अपने मित्र रूस को बताना चाहिए। थरूर ने कहा कि अगर दोस्त ही एक-दूसरे से ईमानदारी से बात नहीं कर सकते हैं, तो दोस्ती की कोई कीमत नहीं है।

शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि जो लोग भारत के पहले पीएम नेहरू की आलोचना करते हैं, वे संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थिति को सही ठहराने के लिए गुटनिरपेक्ष नीति का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि युद्ध के खिलाफ मतदान करने से परहेज करना रिश्ते को बेहतर नहीं बनाता बल्कि हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ सिद्धांतों को कमजोर बनाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर हम चीन के समान ही खड़े थे, जो हमारी विदेश नीति के बारे में बहुत कुछ कहता है।
विज्ञापन


15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस की निंदा वाले प्रस्ताव को शुक्रवार को वोटिंग हुई। वोटिंग में प्रस्ताव के पक्ष में 11 देशों ने मतदान किया। इस दौरान रूस ने इसका विरोध किया। वहीं भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात मतदान में तटस्थ रहे। सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा लाया गया प्रस्ताव रूस की वीटो पावर को इस्तेमाल करने के कारण पारित नहीं हो सका। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें