राज्यसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने मोदी सरकार के आम बजट 2021-22 को दिशाहीन बताते हुए गरीब विरोधी करार दिया। वहीं बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, बजट से आत्मनिर्भर भारत की राह प्रशस्त होगी। इससे कोविड काल से उबरते समय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस, बसपा, आप और वाम दलों ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आम आदमी विरोधी बजट पेश करने का आरोप लगाया।
बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हमने आत्मनिर्भर भारत की क्षलक दिखाने वाला बजट पेश किया है। विपक्ष देश के सामने झूठी धारणा पेश कर रहा है कि इसमें गरीबों के लिए कुछ नहीं जबकि मुफ्त अनाज, रसोई गैस और मकान क्या अमीरों को दिए गए हैं।
सरकार ने यह सब गरीबों को ही दिया है। इसके अलावा सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं जिसका लाभ देश की आम जनता को ही होगा।
निर्मला ने बजट पर बहस का जवाब देते हुए कहा, दुनिया भर में जहां अर्थव्यवस्थाओं को कोरोना काल के कारण झटका लगा है वहीं सरकार का बजट एक मजबूत व सुधरती अर्थव्यवस्था की ओर ले जा रहा है। इसमें त्वरित छोटे फायदे के बजाया दूरगामी लाभ और मजबूती के प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार ने जरूरतमंदों का ध्यान नहीं रखा है। जहां आवश्यकता है इस बजट में उन क्षेत्रों को तुरंत राहत देने की व्यवस्था भी है। इससे पहले बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए तृणमूल कांग्रेस के अबीर रंजन बिस्वास ने कहा, सरकार ने गरीबों के साथ छलावा किया है। कोरोना संकट को देखते हुए जरूरी क्षेत्रों को पुनर्जीवन पैकेज देने की जरूरत थी लेकिन सरकार ने तो कटौती की है। सभी जरूरी मदों यहां तक की रक्षा क्षेत्र का बजट भी घटाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में सिर्फ कारपोरेट का ध्यान रखा गया।
सतत विकास पर टिकी नजर
निर्मला सीतारमण ने कहा, सरकार की नजर दूरगामी सतत विकास पर टिकी है। ताकि हम कोरोना संकट के बाद दुनिया की तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकें।
उन्होंने हैरत जताई कि सरकार की सड़क से लेकर कृषि, गरीबों को घर देने से लेकर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और बिजली जैसी योजनाओं व पहल के बावजूद विपक्ष धारणा बना रही है कि सरकार करोड़पतियों के लिए काम कर रही है।
ठाकुर की विपक्ष को चुनौती, बताएं कृषि कानूनों
किसान आंदोलन और कृषि कानून के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों के पर वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने चुनौती देते हुए कहा, विपक्ष बताए कि कानून में कहां लिखा है कि मंडी और एमएसपी समाप्त हो जाएगी। राजनीति के लिए किसानों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, बजट में 65 हजार करोड़ का एक बड़ा हिस्सा पीएम किसान निधि योजना में दिया गया है।
विपक्ष कहता है कि कृषि कानून काला कानून है। जिसकी नजर काली होगी तो सोच भी वैसी ही होगी। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ही इस कानून को लाया गया है। हम किसानों की आय दोगुना ही करके छोड़ेंगे। हम भारत को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सरकार के पास हर समस्या का एक जादुई जवाब है ‘निजीकरण’
अबीर रंजन ने कहा, सरकार के पास हर समस्या का एक ही जादुई जवाब है ‘निजीकरण’। उन्होंने कहा, लाभकारी उपक्रमों को घाटे वाले बता कर उनका निजीकरण किया जाना सही नहीं है। बजट कहता है कि अगर आपको परेशानी है तो सहें, शिकायत न करें, उम्मीद न करें।