बसपा सुप्रीमो मायावती के इस बैठक में भाग लेने की संभावना नहीं है, लेकिन सूत्रों ने उनके करीबी बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र के आने का दावा किया है। लोकसभा चुनावों के लिहाज से सबसे अहम माने जाने वाले उत्तर प्रदेश के दूसरे मुख्य विपक्षी दल सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के भी बैठक में भाग लेने की संभावना है, लेकिन यदि वह किसी कारण नहीं पहुंच पाए तो उनके ताऊ व पार्टी में दूसरे नंबर के नेता राम गोपाल यादव उनका प्रतिनिधित्व करेंगे।
पहले पीएम उम्मीदवार का नाम बताए विपक्ष : भाजपा
भाजपा ने अपने खिलाफ मोर्चाबंदी के लिए सोमवार को आपस में मिल रहे विपक्षी दलों का मजाक उड़ाया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को यहां कहा, यह देखना सुखद है कि विपक्षी दल हमसे लड़ने के लिए गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पहले उन्हें अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए। इसके बाद ही उन्हें हमारे खिलाफ लड़ने और हमें हटाने का सपना देखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, हमारे पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, उनका पीएम उम्मीदवार कौन है?
वहीं टीएमसी छोड़कर भाजपा में आए वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा, 'ममता बनर्जी को बताना चाहिए कि विपक्ष की जिस बैठक में वे भाग लेने जा रही हैं, उसमें मौजूद माकपा और कांग्रेस बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विपक्षी हैं या साथी हैं। 1988 में टीएमसी के गठन के समय ममता और उनके पार्टी कार्यकर्ता कहा करते थे कि कांग्रेस और माकपा उनके राजनीतिक शत्रु हैं। अपने 20 साल के इतिहास में टीएमसी लगातार माकपा को अपना नंबर-1 शत्रु बताती रही है, तो अब उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि ये दोनों उनके दोस्त बन गए हैं।'