राज्यसभा में कांग्रेस, माकपा समेत विपक्षी दलों ने घरेलू रसोई गैस व दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी पर मोदी सरकार को घेरा। विपक्ष ने कहा कि पहले से ही महंगाई से त्रस्त आम जनता पर एलपीजी की बढ़ती कीमतों ने असहनीय बोझ बढ़ा दिया है।
शून्यकाल में माकपा सांसद झरना दास वैद्य ने कहा कि फरवरी से अब तक रियायती और गैर रियायती एलपीजी सिलिंडर के दामों में 125 रुपये की वृद्धि हो चुकी है। इसने पहले से ही बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों की समस्या और बढ़ा दी है।
बढ़ोतरी को ‘अनुचित’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आठ करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी के चलते अब ये किसी काम के नहीं रह गए हैं।
एसएमए दवा की कीमतों में दखल दे सरकार
वहीं कांग्रेस के विवेक तन्खा ने स्पाइनल मस्क्यूलर आट्रोफी नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवा की ऊंची कीमतों को कम करने के लिए सरकार के दखल का आग्रह किया।
एक आकलन के अनुसार, देश में इस बीमारी से करीब 2500 बच्चे पीड़ित है जिनका एक अमेरिकी दवा द्वारा इलाज किया जा सकता है। हालांकि इस दवा कीमत 23 करोड़ रुपये है। इसमें 7 करोड़ रुपये की इंपोर्ट ड्यूटी भी शामिल है।
पीएम मोदी ने हाल ही में एक बच्ची के उपचार के लिए इंपोर्ट टैक्स में छूट दी थी। तन्खा ने कहा कि सरकार को इस दवा पर इंपोर्ट टैक्स पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए और दवा निर्माता कंपनी से कम दामों पर दवा हासिल करने पर बात करनी चाहिए।