राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा और राघव चड्ढा
- फोटो : ANI
राज्य सभा में बुधवार को विपक्ष के सांसदों ने जाति जनगणना पर जोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने सुपर रिच टैक्स को लागू करने और जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम से जीएसटी हटाने की भी मांग की है।
उच्च सदन में आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने खुशी जताते हुए कहा कि इंडेक्सेशन का लाभ आंशिक रूप से बहाल किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की कर नीतियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार की टैक्स नीति स्पष्ट नहीं है। 23 जुलाई वर्ष 2024 को आप कहते हैं कि आप निवेशकों से इंडेक्सेशन का लाभ छीन रहे हैं और इसके ठीक दो सप्ताह बाद आप कहते हैं कि इसे छीन नहीं रहे बल्कि फिर से स्थापित कर रहे हैं। इससे साफ पता चलता है कि आप बिना सोचे समझे काम कर रहे हैं। आप अर्थशास्त्रियों की सलाह पर भी ध्यान नहीं दे रहे। अगर आप बजट तैयार करने में ऐसे लोगों की मदद लेते हैं, जिनके पास अर्थशास्त्र का ज्ञान नहीं है, तो इस तरह की गड़बड़ियां देखने को मिलेंगीं।’ चड्ढा ने दावा किया कि किसी भारतीय निवेशक को इंडेक्सेशन से बाहर निकालने का सीधा मतलब उनकी कमर तोड़ने जैसा है। उन्होंने कहा कि इंडेक्सेशन के लाभ को पूरी तरह से फिर से स्थापित किया जाना चाहिए।
उधर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज कुमार झा ने तर्क दिया कि देश की अधिकांश संपत्तियों पर दस फीसदी लोगों का कब्जा है। उन्होंने कहा, ‘क्या हमारे देश में शीर्ष एक फीसदी अत्यधिक अमीर लोगों पर कर लगाने की व्यवस्था की जा सकती है। इस तरह से हमारी अन्य नीतियों पर बेहतर काम किया जा सकेगा। साथ ही हम ऐसे लोगों के लिए काम कर सकेंगे, जो हमारी प्राथमिकता हैं’
राज्य सभा में द्रमुक सांसद पी विल्सन ने दावा किया कि केंद्रीय बजट में तमिलनाडु की प्रमुख परियोजनाओं के लिए किसी तरह का प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के लोगों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार, जाति जनगणना कराने में किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखा रही। इसके साथ ही पी विल्सन ने कहा कि सरकार ओबीसी, एससी और एसटी समुदायों के लिए आरक्षण बढ़ाने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रही है.
कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद वहां शांति स्थापित होने के दावे करती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में देश के जवान बलिदान हो रहे हैं। यहां तक कि आम लोग भी मारे जा रहे हैं।