ओडिशा के पुरी जिले में दरिंदगी की शिकार 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने शनिवार को दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। उसे 19 जुलाई की सुबह अज्ञात बदमाशों ने अगवा कर जला दिया था। 70 फीसदी झुलसने के बाद लड़की को पहले पिपिली सीएचसी, फिर भुवनेश्वर एम्स और अंत में एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स भर्ती कराया गया था। लड़की की मौत होने के बाद, कांग्रेस और बीजद के नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस और बीजद नेताओं का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और अब यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
कांग्रेस नेता मुमताज पटेल का कहना है कि न्याय में देरी न्याय न मिलने के समान है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में ओडिशा में दो घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को न्याय सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा सरकार पर दबाव डालना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अब देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत खराब: अमर पटनायक
वहीं, बीजद सांसद अमर पटनायक का कहना है कि 19 जुलाई को बलंगा में 15 वर्षीय लड़की को जिंदा जलाने की घटना बहुत दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में अब हर दिन इस तरह की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत कितनी खराब हो गई है, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर। बीजद सांसद का कहना है कि ओडिशा पहले शांतिपूर्ण राज्य माना जाता था, लेकिन अब यह छवि पूरी तरह टूट चुकी है।
नवीन पटनायक ने लड़की की मौत पर जताया दुख
वहीं, इस जघन्य अपराध पर बीजद अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। एक्स पर एक पोस्ट में, पटनायक ने कहा, 'यह जानकर बहुत दुख और पीड़ा हुई कि पुरी जिले के बलंगा इलाके में आग लगा दी गई लड़की की एम्स में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मेरी संवेदनाएं लड़की के साथ हैं और दुख की इस घड़ी में मैं उसके परिवार के साथ हूं। ईश्वर परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'
कब जागेगी राज्य सरकार: सप्तगिरी उलाका
लड़की की मौत पर कांग्रेस सांसद सप्तगिरी उलाका ने कहा, 'इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों को अब तक पकड़ा नहीं गया है। राज्य सरकार कब जागेगी? ओडिशा सरकार महिलाओं के खिलाफ काम कर रही है। सरकार को यह पक्का करना चाहिए कि आगे ऐसी घटनाएं फिर न हों।'
पुलिस जांच पर उठे सवाल, कांग्रेस ने दी चेतावनी
ओडिशा पुलिस ने दावा किया है कि मामले की जांच अपने अंतिम चरण में है और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता नहीं है। लेकिन कांग्रेस ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े करते हुए चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो डीजीपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। ओपीसीसी अध्यक्ष भक्तचरण दास ने 2 अगस्त को काला शनिवार बताया।
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