17 विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को लिखा कि 'सरकार संसदीय स्थाई और चयन समितियों के बिना किसी जांच के विधेयकों को जल्दबाजी में पारित करने का तरीका अपना रही है, इस गंभीर चिंता का विषय है।' राज्यसभा की वर्तमान स्थिति की बात करें तो इस समय भाजपा के सदस्यों की संख्या 75 वहीं राजग के सदस्यों की संख्या 105 है। अमर सिंह और सुभाष चंद्रा जैसे निर्दलीय सदस्यों के सहारे यह संख्या 107 पहुंच जाती है।
बिल पारित कराने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों में से 50 फीसदी से एक ज्यादा का समर्थन चाहिए। ऐसे में पार्टी अगर टीआरएस, बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस को साध पाई तो उसका अपने एजेंडे से जुड़े बिलों को कानूनी जामा सपना पूरा हो जाएगा।