Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में मानसून सत्र से पहले विपक्षी दलों ने सरकार की चाय पार्टी का बहिष्कार किया, जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियां बताया। शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस ने शिक्षा, सड़क, जमीन सौदों और महिला उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर सरकार को निशाने पर लिया।
महाराष्ट्र में मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी दलों ने रविवार को सरकार की चाय पार्टी का बहिष्कार करने की घोषणा की। यह कार्यक्रम हर साल विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले आयोजित होता है। विपक्ष ने इस बहिष्कार का कारण व्यापक भ्रष्टाचार, जनविरोधी नीतियां और फंड का दुरुपयोग बताया है।
विज्ञापन
विधान परिषद में विपक्ष के नेता और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अंबादास दानवे ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बहिष्कार एक 'बेईमान सरकार' के खिलाफ विरोध का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को जबरन मंजूरी देना हो या एमएसआरटीसी को बसें न देना, निजी ठेकेदारों का बकाया भुगतान न करना हो या पुणे की वैशाली हगवणे (दहेज प्रताड़ना-आत्महत्या) मामले में न्याय न मिलना - इस सरकार ने नैतिक अधिकार खो दिया है। जब सरकार पहली कक्षा में तीसरी भाषा (हिंदी) थोप रही है, तो हम ऐसी सरकार से क्यों मिलें?
दानवे के सहयोगी और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर स्कूलों मे प्रवेश की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ग्यारहवीं कक्षा के दाखिलों की पहली सूची में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। ऐसा लगता है कि स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे इस घोटाले में शामिल हो सकते हैं।
आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) पर भी आरोप लगाया कि वह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों से 12.50 करोड़ रुपये का 'अन्यायपूर्ण' जुर्माना वसूल रहा है और सरकार इसमें चुपचाप समर्थन दे रही है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लोकसभा सांसद संदीपन भुमरे के ड्राइवर को हैदराबाद के पुराने रॉयल सालार जंग परिवार के वंशजों से जमीन का एक बड़ा टुकड़ा मिला है, जिससे जमीन सौदों में गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा के पूर्व मंत्री बाबनराव लोणीकर के विवादित बयान पर सवाल उठाया। लोणीकर ने एक सभा में भाजपा सरकार के आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि जो कपड़े वे पहनते हैं और जो सुख-सुविधाएं उन्हें मिल रही हैं, वे सब भाजपा ने ही दी हैं। वडेट्टीवार ने कहा, यह सरकार जनता की समस्याओं से बेपरवाह है। महायुति के तीनों घटक आपस में पैसों और प्रभाव को लेकर लड़ रहे हैं। उनकी दिलचस्पी जनता की भलाई में नहीं, बल्कि फंड हड़पने में है।