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'ऑपरेशन सिंदूर': 'यह मीडिया में सरकार का तमाशा था', कांग्रेस सांसद की फिसली जुबान; प्रियंका ने जयशंकर को घेरा

Mon, 28 Jul 2025 10:38 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की गई। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे की जुबान फिसल गई। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के दावों पर सवाल उठाए।
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लोकसभा में प्रणीति शिंदे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चल रही चर्चा के बीच एक कांग्रेस सांसद की जुबान फिसल गई। कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने संसद में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर मीडिया में सरकार का एक तमाशा था। वहीं कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को घेरा।
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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में चल रही चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर वास्तविक सफलता से ज्यादा एक मीडिया शो था। इससे क्या हासिल हुआ? कितने आतंकवादी पकड़े गए? क्या कोई लड़ाकू विमान खो गया। उन्होंने मांग की कि सरकार जिम्मेदारी ले और स्पष्ट जवाब दे।

उन्होंने कहा कि मित्र देशों ने ऑपरेशन सिंदूर की निंदा नहीं की। पहलगाम के आतंकियों का कोई सुराग नहीं है। देश के सवालों का प्रधानमंत्री जवाब दें। बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका आज चीन से हाथ मिला रहे हैं। सरकार केवल प्रचार की मशीन बनकर रह गई है। हर चुनाव के पहले आतंकी हमला होता है और उसके बाद कार्रवाई की जाती है। पीएम मोदी हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं। मुझे सेना की बहादुरी पर संदेह नहीं है। ये सरकार जवानों को लड़ने भेजती थी। लेकिन दुश्मन को पहले ही हमले की जानकारी दे देती है।
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संघर्ष विराम में अमेरिका के हस्तक्षेप से सरकार ने नहीं किया इनकार: प्रियंका गांधी 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अमेरिका शामिल नहीं था। विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक निश्चित अवधि के लिए ट्रंप से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि अमेरिका इसमें शामिल नहीं था। यह दिलचस्प है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर के साथ व्यापार का कोई संबंध नहीं था और सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध पाकिस्तान की ओर से डीजीएमओ चैनल के माध्यम से आया था। उन्होंने यह भी कहा था कि पहलगाम हमले के बाद भारत की कूटनीति का परिणाम यह हुआ कि संयुक्त राष्ट्र के 190 देशों में से केवल तीन ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया।
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