सार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से जुड़े साइबर हमलावरों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट को 10 मिनट में 40 करोड़ बार निशाना बनाया। NSE के सीईओ आशीष चौहान के मुताबिक, सभी हमले नाकाम रहे और ट्रेडिंग पर कोई असर नहीं पड़ा। भारत की मजबूत साइबर सुरक्षा ने बड़ी साजिश को विफल कर दिया।
दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहा पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फेक न्यूज और साइबर हमला की मदद से अपने नापाक इरादे को अंजाम देने की तैयारी में था। एक तरफ जहां भारत आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान को उसके घिनौने कृत्य को लेकर सबक सिखा रहा था। वहीं दूसरी ओर नापाक पड़ोसी हमेशा की तरह अपनी एआई, डीपफेक की मदद से अपनी गंदी चाल चल रहा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान साइबर हमलावरों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की वेबसाइट को हैक करने की हरसंभव कोशिश की थी।
हैकर्स ने 10 मिनट में वेबसाइट को 40 करोड़ बार निशाना बनाया। हालांकि, हैकर्स कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाए। यह दावा एनसई के सीईओ आशीष कुमार चौहान ने एक साक्षात्कार में किया। चौहान के मुताबिक, एक्सचेंज पर औसतन प्रतिदिन लगभग 20 करोड़ साइबर हमले होते हैं, जिन्हें सफलता के साथ रोकने के इंतजाम हैं।
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दस मिनट में 40 करोड़ बार हमले की नाकाम कोशिश
उन्होंने बताया कि साइबर हमले रोकना मशक्कत भरा काम है, क्योंकि उन्हें हर बार बचाव करना पड़ता है, जबकि हैकर तो बस एक दांव सही लगने की फिराक में रहते हैं। चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दस मिनट में ही 40 करोड़ बार हमले झेलने की वजह से हमें वेबसाइटें बंद करनी पड़ीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनएसई की वेबसाइट हैक होने की स्थिति में भी व्यापार बाधित नहीं होगा क्योंकि दोनों अलग-अलग नेटवर्क पर काम करते हैं।
पहलगाम हमले के जवाब में भारत का एक्शन: 'ऑपरेशन सिंदूर'
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस दौरान 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे। इन जगहों से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी।
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पहलगाम आतंकी हमला, जब गई थी 26 निर्दोष लोगों की जान
गौरतलब है कि 22 अप्रैल का वो काला दिन, जिसे भारतवासी आज भी नहीं भुला पा रहे। जगह था जम्मू-कश्मीर का पहलगाम। जहां एक साथ कई आतंकियों ने वहां उपस्थित सभी पर्यटकों पर अंधाधुंध गोली चलानी शुरू कर दी। इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई। इस घटना को बीते अब तीन महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। लेकिन लोगों में नाराजगी और अपनों के खोने का गम अभी भी है। हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने उसी दिन ली और एक फोटो भी शेयर किया।
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