बहावलपुर जैश मुख्यालय पर हमले से पहले और बाद की तस्वीर।
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राजनीतिक इच्छाशक्ति से मिली सफलता
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सफलता का प्रमुख कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना था। हमें बहुत स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हम पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाए गए थे। अगर कोई बाधा थी तो वह स्व-निर्मित थी। हमने तय किया कि कितना आगे बढ़ना है। हमें योजना बनाने और उसे लागू करने की पूरी आजादी थी। हमने सोच-समझकर हमले किए थे क्योंकि हम इसे लेकर आश्वस्त होना चाहते थे। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय था... सीडीएस के पद ने वास्तव में अंतर पैदा किया। वह हमें एक साथ लाने के लिए मौजूद थे। एनएसए ने भी सभी एजेंसियों को एक साथ लाने में बड़ी भूमिका निभाई।
ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान पहुंचा
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था। 80 से 90 घंटों के युद्ध में हमने पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया कि उनको लग गया कि अगर युद्ध जारी रहा तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसलिए पाकिस्तान आगे आया और हमारे डीजीएमओ को संदेश भेजा कि हम बात करना चाहते हैं। हमारी ओर से इसे स्वीकार कर लिया गया।
सरगोधा में हमले का सपना पूरा हुआ
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि हम अपनी वायुसेना में ऐसे ही दिनों के सपने देखते हुए बड़े हुए हैं। किसी दिन हमें वहां जाने का मौका मिले। तो संयोग से मुझे सेवानिवृत्त होने से ठीक पहले यह मौका मिल गया। इसलिए हमने वहां के हवाई क्षेत्र पर अपनी धमक दिखा दी। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि बालाकोट के बारे में कहा गया कि हम कुछ हासिल नहीं कर सके और दुर्भाग्यवश हमें अपने ही लोगों को यह बताना पड़ा कि हमने क्या हासिल किया। यह एक बड़ा मुद्दा बन गया कि हम क्या हासिल कर पाए? वहां क्या हुआ था, हमारे पास इसकी खुफिया जानकारी थी। इससे हमें अंदर की बहुत स्पष्ट तस्वीर मिलती थी कि वहां कितना बड़ा नुकसान हुआ है। बहुत सारे आतंकवादी मारे गए। लेकिन हम अपने ही लोगों को यह विश्वास नहीं दिला पाए कि देखो, हमने क्या हासिल किया है? इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि इस बार हम बालाकोट जैसी स्थिति से निपटने में सफल रहे और हम दुनिया को यह बता पाए कि हमने क्या हासिल किया है।
वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल एपी सिंह।
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ऑपरेशन सिंदूर रोकने पर लोग कह रहे थे कि और मारना था: वायुसेना प्रमुख
ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के फैसले पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि इस संघर्ष में लोग अपने अहंकार पर उतर आए थे। लेकिन हमने एक अच्छा उदाहरण स्थापित किया। हमारा लक्ष्य पूरी तरह से स्पष्ट था। हमारा लक्ष्य आतंकी ठिकानों और आतंकियों को सबक सिखाना था। हमने दो बार उनको सबक सिखाया। हमने पाकिस्तान को बता दिया कि उनको इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। एक बार जब हमने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया, तो हमें इसे रोकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए थे। लेकिन मेरे कुछ करीबी लोगों ने कहा कि और मारना था। लेकिन क्या हम युद्ध जारी रख सकते हैं? मेरे विचार से हमें युद्ध क्यों जारी रखना चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर स्थगित करके देश ने एक अच्छा फैसला लिया।
हमारी मिसाइलों के आसपास भी नहीं आ सका पाकिस्तान का लड़ाकू विमान
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का कोई भी विमान हमारी आकाश मिसाइल और कम रेंज वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के आसपास भी नहीं आ सका। हमने लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से उनके विमानों को निशाना बनाया। कई बार पाकिस्तान के विमान हमारी सीमा में थे तो यह हमारे लिए अवसर था। जहां तक हमारे हमले का सवाल है। हमारे लिए कोई रोक-टोक नहीं थी। हमने तय किया कि हम पैन फ्रंट पर हमला करेंगे और हम अपने संसाधनों का इस्तेमाल करेंगे। हमारा उद्देश्य किसी एक खास हवाई क्षेत्र पर हमला करके उसे तबाह करना नहीं था। बल्कि पाकिस्तान को यह अहसास दिलाना था कि देखो हम तुम पर जहां चाहें वहां जाकर हमला कर सकते हैं। इसके बाद हमने भोलारी में एक AEW&C हैंगर पर हमला किया। इसके बाद हमें स्पष्ट संकेत मिला कि जब हमला हुआ, तो हैंगर में एक विमान मौजूद था।