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Operation Dhvast: NIA की नौ राज्यों में 324 जगहों पर रेड; 36 लाख से ज्यादा कैश-हथियार और दस्तावेज बरामद

Wed, 17 May 2023 10:45 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जांच एजेंसी ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे शुरू हुए ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इतना ही नहीं कई संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। 
 
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NIA - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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आतंकवादी-गैंगस्टर-ड्रग तस्करों के गठजोड़ से जुड़े मामलों और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA) ने बुधवार को 'ऑपरेशन ध्वस्त' चलाया। इसके तहत जांच एजेंसी ने आठ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी छापेमारी की। इस अभियान के तहत एनआईए ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े दिन में 324 स्थानों पर छापेमारी की। एनआईए ने जिन राज्यों में छापेमारी की उनमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, चंडीगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं। 

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जांच एजेंसी ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे शुरू हुए ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इतना ही नहीं कई संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। 

एनआईए ने 129, पंजाब पुलिस ने 17 जिलों और हरियाणा पुलिस ने 10 में की छापेमारी
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि दिन भर चलाए गए इस छापेमारी अभियान का उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई, छेनू पहलवान, दीपक तीतर, भूपी राणा, विकास लगरपुरिया, आशीष चौधरी, गुरप्रीत सेखों, दिलप्रीत बाबा, हरसिमरत सिम्मा और अनुराधा जैसे खूंखार गैंगस्टरों के अलावा हाल ही में आतंकवादी घोषित किए गए अर्श डल्ला के आतंकी गठजोड़ को तोड़ना था। इस अभियान के क्रम में जहां एनआईए ने 129 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, वहीं पंजाब पुलिस ने 17 जिलों में 143 स्थानों पर और हरियाणा पुलिस ने 10 जिलों में 52 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
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इनकी कमर तोड़ने पर एनआईए का फोकस
एनआईए अधिकारियों ने दिनभर की कार्रवाई को लेकर भी जानकारी दी । उन्होंने बताया कि कहा कि आज की छापेमारी का फोकस हथियार आपूर्तिकर्ताओं, फाइनेंसरों, लॉजिस्टिक प्रदाताओं और ड्रग तस्करों के साथ काम करने वाले कट्टर गिरोहों की कमर तोड़ना था। इसके साथ ही पाकिस्तान और कनाडा जैसे अन्य देशों के आतंकवादियों के साथ जुड़े हवाला ऑपरेटरों के ठिकानों पर भी छापा मारा गया है। 

36 लाख से ज्यादा की नकदी सहित हथियार बरामद
ऑपरेशन ध्वस्त के तहत की गई कार्रवाई में जांच एजेंसी ने 60 मोबाइल फोन, पांच डीवीआर, 20 सिम कार्ड, एक हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, एक डोंगल, एक वाईफाई राउटर, एक डिजिटल घड़ी के अलावा एक पिस्तौल, गोला बारूद (जीवित और प्रयुक्त कारतूस दोनों) दो मेमोरी कार्ड, 75 अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही 39,60,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

बीते साल दर्ज मामलों में कार्रवाई
एनआईए ने पिछले साल तीन मामले दर्ज किए थे। इसमें आरोप था कि आतंकवादी संगठन और विदेशों में उनके हमदर्द लक्षित हत्याओं और हिंसक आपराधिक कृत्यों के लिए भारत के उत्तरी राज्यों में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के रूप में सक्रिय थे। बीते साल पंजाब में महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अम्बिया की सनसनीखेज हत्या भी इनमें शामिल है। 

जांच में हुआ यह खुलासा
एनआईए की जांच से पता चला है कि साजिशें विभिन्न राज्यों की जेलों में रची जा रही थीं। वहीं, विदेशों में स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा इसे अंजाम दिया जा रहा था। इसके साथ ही एनआईए ने यह भी पाया है कि कई अपराधी जो पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भाग गए थे। वे वहां से भारत भर की जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर गंभीर अपराधों की योजना बनाने में लगे हुए हैं।
 

सीमापार से लाते थे हथियार, गोला बारूद, आईईडी और विस्फोटक
एनआईए ने जांच में यह भी पाया था कि आतंकवादियों-ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों का नेटवर्क आतंकी गतिविधियों के लिए सीमापार से हथियारों, गोलाबारूदों, विस्फोटकों और आईईडी की तस्करी में भी शामिल थे। इस काम में बंदूक चलाने वाले, अवैध हथियारों और गोला-बारूद के निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं और विस्फोटक तस्करों का एक व्यापक अंतरराज्यीय नेटवर्क शामिल था।

अब तक 19 गिरफ्तारियां हुईं
एनआईए इस मामले में अब तक 19 गिरफ्तारियां कर चुकी है। इनमें आपराधिक गिरोह, दो हथियार आपूर्तिकर्ता और एक फाइनेंसर शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कनाडा में रह रहे अर्श डल्ला को इस साल 9 जनवरी को आतंकवादी घोषित किया था।

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