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ऑपरेशन क्रिस्टल हंट: एनसीबी ने ग्रेटर नोएडा में दो गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया, दो लोग गिरफ्तार

Sat, 17 Oct 2026 09:24 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जहानाबाद कदलपुर गांव में दो अवैध ड्रग लैब का भंडाफोड़ कर 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त सामग्री और 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन बरामद की। बरामद सामग्री से करीब 56 किलोग्राम तैयार एम्फेटामाइन बनने का अनुमान है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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ग्रेटर नोएडा में एनसीबी की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जहानाबाद कदलपुर गांव में दो गुप्त ड्रग-निर्माण प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। ये दोनों प्रयोगशालाएं किराए की जगहों से चलाई जा रही थीं, जिन्हें कथित तौर पर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने और उनकी प्रोसेसिंग के लिए तैयार किया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान 379.740 किलोग्राम एम्फेटामाइन युक्त सामग्री (जिसमें 4.260 किलोग्राम क्रिस्टलीय, 157.700 किलोग्राम सेमी-क्रिस्टलीय और 217.780 किलोग्राम तरल पदार्थ शामिल है) तथा 10 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन बरामद की गई। 
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एनसीबी के अनुसार, बरामद क्रिस्टलीय और सेमी-क्रिस्टलीय सामग्री से लगभग 56 किलोग्राम तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनने का अनुमान है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत लगभग ₹45 करोड़ हो सकती है। इसके अलावा, बड़ी मात्रा में ऐसे रसायन भी जब्त किए गए हैं जिनका उपयोग मेथाम्फेटामाइन बनाने में किया जाता है; इनमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड, एसीटोन, टोल्यूनि, सल्फ्यूरिक एसिड, पोटेशियम परमैंगनेट आदि शामिल हैं।

इन जगहों पर केमिकल प्रोसेसिंग के लिए व्यापक इंतजाम थे, जिनमें बड़ी क्षमता वाले हीटिंग मैंटल, कांच के रिएक्शन वेसल (पात्र), केमिकल स्टोरेज ड्रम, फिल्ट्रेशन उपकरण, वजन करने वाली मशीनें, रेस्पिरेटर (श्वसन उपकरण) और प्रयोगशाला के अन्य उपकरण मौजूद थे। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें डेस्टिनी अब्राहम डंबिरी, जिसने खुद को नाइजीरियाई बताया है, और मिजोरम की रहने वाली लल्लावमज़ुआली, जिसे ओलिविया लालचाविमावी के नाम से भी जाना जाता है, शामिल हैं। 
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इमिग्रेशन रिकॉर्ड से पता चलता है कि डंबिरी जनवरी 2020 में भारत आया था। उसने सिएरा लियोन के नागरिक 'फ्रांसिस कालोकोह' के रूप में प्रवेश किया था और उसके पास दिसंबर 2020 तक वैध टूरिस्ट वीज़ा था। ड्रग तस्करों द्वारा जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कई अलग-अलग पहचानों का इस्तेमाल करना एक बड़ी चुनौती है, और इस जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है। दूसरी आरोपी, ओलिविया, इससे पहले भी एक मामले में गिरफ्तार हो चुकी है। इस मामले की जांच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस, गोवा ने की थी। मार्च 2026 में, गोवा के डाबोलिम एयरपोर्ट पर उसके चेक-इन सामान से 313 ग्राम हेरोइन युक्त पाउडर (व्यावसायिक मात्रा) जब्त किया गया था। वह फिलहाल जमानत पर बाहर है।

यह मौजूदा ऑपरेशन, अक्तूबर 2024 में गौतम बुद्ध नगर के कासना इंडस्ट्रियल एरिया में एनसीबी द्वारा पकड़ी गई एक गुप्त सिंथेटिक-ड्रग लैब के बाद शुरू हुआ है। वहां से लगभग 95.5 किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स (ठोस और तरल रूप में) जब्त किए गए थे। उस जांच में मैक्सिकन ड्रग कार्टेल 'कार्टेल डी जलिस्को नुएवा जेनेरासियोन' के साथ संदिग्ध संबंधों का पता चला था। उस मामले में एक मैक्सिकन नागरिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनसीबी इस नेटवर्क के वित्तीय, केमिकल की खरीद और वितरण से जुड़े लिंक का पता लगा रही है, ताकि इसके फाइनेंसरों, सप्लायरों, तकनीकी मदद देने वालों और अन्य साथियों की पहचान की जा सके। आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, और अंतर-राज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी जांच की जा रही है।

जन अपील: सिंथेटिक ड्रग्स, नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक नई चुनौती पेश करते हैं। इसके अलावा, ऐसी जगहों से बिना उपचार किए छोड़े गए रासायनिक कचरे से मिट्टी, नालियां और जल स्रोत प्रदूषित होते हैं, जिससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है। अवैध प्रयोगशालाएं किराए के मकानों, औद्योगिक परिसरों या अन्य जगहों पर छिपी हो सकती हैं। मकान मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों, हाउसिंग सोसायटियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और सुरक्षा कर्मियों से आग्रह है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध बात नजर आती है - जैसे कि रसायनों की असामान्य गंध आना, रसायनों के ड्रमों या प्रयोगशाला के उपकरणों का बार-बार आना-जाना या बिना किसी स्पष्ट कारण के उनका भंडारण, अथवा रासायनिक कचरे का संदिग्ध तरीके से भंडारण या निपटान - तो वे इसकी सूचना नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन 'मानस' (MANAS) - 1933 पर दें।
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अमित शाह ने एनसीबी को दी बधाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दो अवैध ड्रग लैब का भंडाफोड़ करने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बधाई दी है। उन्होंने इसे मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि बताया। शाह के मुताबिक, इस कार्रवाई में भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स, इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2029 से पहले ड्रग कार्टेल को खत्म करना है। यह अभियान नशामुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।
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