मणिपुर में हिंसा की घटनाएं एक बार फिर चिंता बढ़ा रही हैं। राज्य के कामजोंग जिले के चस्साद गांव में शनिवार दोपहर संदिग्ध उग्रवादियों ने गोलीबारी की। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घटना के बाद गांव में स्थानीय सशस्त्र समूह और संदिग्ध उग्रवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, शाम तक मुठभेड़ जारी थी। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने दोपहर करीब 2:30 बजे कुकी समुदाय के चस्साद गांव में कई गोलियां चलाईं। हमले में गांव के प्रमुख थांगजाहौ हाओकिप समेत पांच लोग घायल हुए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन सेइखोहौ की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी चार लोगों की स्थिति के बारे में पुलिस ने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। हमले के बाद स्थानीय सशस्त्र समूह ने संदिग्ध उग्रवादियों का सामना किया और दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई।
चस्साद गांव में हमला कैसे हुआ?
पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर संदिग्ध उग्रवादी गांव में पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में तनाव फैल गया। हमले में गांव के प्रमुख थांगजाहौ हाओकिप, खाइलुन हाओकिप, सेइखोहौ, हेगिन हाओकिप और सेइपाओ हाओकिप घायल हुए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां सेइखोहौ ने दम तोड़ दिया। इस घटना में 36 वर्षीय व्यक्ति की मौत की जानकारी भी शुरुआती विवरण में दी गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने मृतक के रूप में सेइखोहौ का नाम बताया है। इसके बाद स्थानीय सशस्त्र समूह और संदिग्ध उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई।
गांव में मुठभेड़ की स्थिति क्या है?
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शाम तक दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी जारी थी। इससे इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए थे। उपलब्ध जानकारी में मुठभेड़ के खत्म होने या किसी संदिग्ध उग्रवादी के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की गई है। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, हमले में संदिग्ध उग्रवादी शामिल थे। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।
आदिवासी संगठन ने सरकार से क्या मांग की?
कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने चस्साद गांव पर हुए हमले की निंदा की है। संगठन ने राज्य सरकार से गांव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि हिंसा से प्रभावित इलाके में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हमले के बाद केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर संगठन की मांग अब इस मामले का अहम पहलू बन गई है।
मणिपुर में कुकी और नगा समुदायों के बीच हिंसा का क्या असर पड़ा?
मणिपुर में फरवरी से कुकी और नगा समुदायों के बीच हुई झड़पों में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घर जला दिए गए हैं। हिंसा का असर तमेंगलोंग, कामजोंग, उखरूल, नोनी और कांगपोकपी जिलों में देखा गया है। चस्साद गांव कामजोंग जिले में स्थित है, जहां ताजा गोलीबारी हुई है। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से स्थानीय लोगों की सुरक्षा और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। ताजा हमले के बाद केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग भी उठी है। फिलहाल मुठभेड़ की स्थिति और हमले में शामिल लोगों की पहचान को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।