ट्रेनों की लेटलतीफी, यात्री सुविधा, ट्रेनों में व स्टेशनों पर यात्री सुविधा, ट्रेनों में भीड़ से आज भी यात्री परेशान है। जापान की मदद से बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, लेकिन स्वदेशी ट्रेनें अपने ही ट्रैक पर दम तोड़ देती है। 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन भारतीय रेलवे कब तक तैयार करेगा? रेलवे में नौकरी के लिए सबसे बड़ी भर्ती की घोषणा कर दी गई, लेकिन आज भी आवेदन करने वाले युवा इस इंतजार में है कि कब परीक्षा होगी और कब नौकरी मिलेगी। अमर उजाला के संवाददाता नवनीत शरण ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से खास बातचीत की। पेश है बातचीत के खास अंश...
सवाल-सबसे बड़ी भर्ती की घोषणा तो रेलवे ने कर दी, लेकिन यह मामला कहा अटक गया है?
जवाब- यूं तो यह प्रक्रिया पूरे डेढ़ साल की है, लेकिन हमारी कोशिश है कि एक साल के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा कर लें। परीक्षा के आयोजन के लिए एजेंसी को हायर किया जाएगा। इसके लिए टेंडर किया गया है। इतने पद के लिए थोड़ा इंतजार तो करना पड़ेगा।
सवाल- बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हो रहा है, कहां पेंच फंसा है?
उत्तर- प्रोजेक्ट लेट नहीं है, तय वक्त पर प्रोजेक्ट पूरा होगा। जमीन अधिग्रहण ज्यादा नहीं होना है क्योंकि बुलेट ट्रेन एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़नी है। हम जमीन अधिग्रहण के लिए दिए जाने वाला मुआवजा देने में सक्षम है।
सवाल- बुलेट ट्रेन में जापान सहयोग कर रहा है, भारतीय रेल कब तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन तैयार करेगा?
जवाब - हम लोग भी तेज रफ्तार वाला ट्रेन सेट तैयार कर रहे हैं। चेन्नई रेल कोच फैक्ट्री में एक ट्रेन सेट तैयार हो रहा है। यह ट्रेन 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली होगी। जल्द ही रेलवे तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के निर्माण के लिए एक फैक्ट्री लगाएगा।
सवाल- क्या दिल्ली-लखनऊ, दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-कानपुर रूट पर भी बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है?
जवाब- आइडिया अच्छा है। इस रूट पर स्टडी कराई जाएगी ताकि उत्तर भारत में भी बुलेट ट्रेन चल सके।
सवाल- ट्रेन में यात्रियों को कंफर्म बर्थ कब तक मिलेगा?
जवाब- लाइन की क्षमता अभी उतनी नहीं है, मांग बढ़ती जा रही है। हम अनाप-शनाप घोषणाएं नहीं करते। तय वक्त तो नहीं देंगे लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का काम पूरा होने के बाद स्थिति बदल जाएगी।
सवाल- वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने में क्या रोड़ा है? क्या बिल्डर को 45 साल की जगह 99 साल की लीज देने की बात है?
जवाब- यह मामला कैबिनेट के पास है। इसी महीने इस पर मुहर लग जाएंगी। इसके बाद स्टेशनों को हबीब गंज व अहमदाबाद की तरह अन्य स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधा युक्त बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
सवाल- क्या स्टेशनों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट भी शुरू होगा?
जवाब- सभी स्टेशनों पर आशियाना नहीं बनेगा। देखा जाएगा कि किन स्टेशनों पर हाउसिंग प्रोजेक्ट संभव है।
सवाल-ट्रेनों में सफाई व्यवस्था जस की तस है। स्वच्छता अभियान क्यों सफल नहीं हो रहा है?
जवाब-ऐसा नहीं है, सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। आज आप देखें तो स्टेशन चमचमा रहे हैं। ट्रेनों में भी ऑन डिमांड सफाई व्यवस्था हो रही है। वैक्यूम टॉयलेट लगाए जा रहे हैं।
सवाल- रेलवे का इस साल किस पर फोकस रहेगा?
जवाब- सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे और क्वालिटी पर ध्यान देंगे। रियल टाइम पंक्च्यूअलिटी आने से ही हंगामा है कि ट्रेन समय पर नहीं चलती। पहले गलत डाटा देकर पंक्च्यूअलिटी बेहतर करने की कोशिश की जाती थी।