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West Asia Crisis: संकट के बीच OPEC+ का बड़ा फैसला, मई में बढ़ेगा तेल उत्पादन; तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिश

Sun, 05 Apr 2026 11:35 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

OPEC+ समूह के आठ देशों ने मई महीने में तेल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन इसका असर फिलहाल सीमित ही दिखाई दे रहा है। इन देशों ने कहा है कि वे रोजाना करीब 2.06 लाख बैरल तेल उत्पादन बढ़ाएंगे, ताकि वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनी रहे। हालांकि, यह फैसला उस समय लिया गया है जब ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग बंद हो चुका है। 
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ओपेक+ - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ग्लोबल एनर्जी संकट के बीच तेल उत्पादन करने वाले बड़े देशों के समूह OPEC+ ने एक अहम फैसला लिया है। इस समूह में सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान जैसे देश शामिल हैं। इन देशों ने तय किया है कि वे मई 2026 में अपने तेल उत्पादन को थोड़ा बढ़ाएंगे, ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बनी रहे और कीमतों में ज्यादा उछाल न आए।
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मई में करीब 206 हजार बैरल प्रतिदिन होगा उत्पादन
इन देशों ने वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया और कहा कि वे मई में करीब 2.06 लाख बैरल प्रति दिन (206 हजार बैरल) अतिरिक्त तेल उत्पादन करेंगे। हालांकि, पहले जो 16.5 लाख बैरल प्रति दिन की कटौती (अप्रैल 2023 में) की गई थी, उसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा रहा है। यानी उत्पादन धीरे-धीरे और हालात देखकर ही बढ़ाया जाएगा।
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'बाजार के आधार पर लिया जा सकता है फैसला'
OPEC+ ने साफ कहा है कि वे बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो उत्पादन बढ़ाने, रोकने या फिर से कम करने का फैसला भी लिया जा सकता है। उनका मकसद यही है कि तेल बाजार में स्थिरता बनी रहे और अचानक कीमतें बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे न हों।
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इन देशों ने यह भी चिंता जताई कि हाल के दिनों में ऊर्जा ढांचे (जैसे तेल रिफाइनरी, पाइपलाइन आदि) पर हमले हुए हैं, जिससे सप्लाई पर असर पड़ता है। ऐसे ढांचे को फिर से ठीक करना काफी महंगा और समय लेने वाला काम होता है। इससे पूरी दुनिया में तेल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री रास्तों में रुकावट या हमले होने से भी तेल सप्लाई पर असर पड़ता है और बाजार में अस्थिरता बढ़ती है। इसलिए सभी देशों को ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाते हैं।

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