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Op Sindoor: समुद्र में तैनात थे युद्धपोत-पनडुब्बियां, वाइस एडमिरल ने बताया सेना के सामने PAK ने कैसे मानी हार

Thu, 07 May 2026 04:56 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर वाइस एडमिरल ने बताया की समुद्र में युद्धपोत और पनडुब्बियां तैनात थी। आईए जानते हैं कि भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान ने कैसे मानी हार। पढ़ें पूरी रिपोर्ट 
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भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज ऑपरेशन सिंदूर के एक साल हो गए हैं। इस मौके पर भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि पिछले वर्ष 6-7 मई की रात नौसेना के जवानों ने भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ढांचों पर प्रिसीजन स्ट्राइक में भाग लिया। इस स्ट्राइक ने तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान की भावना को और मजबूत किया। जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ा, भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तान की नौसैनिक और वायु इकाइयों को रक्षात्मक स्थिति में जाने के लिए मजबूर कर दिया। वे मुख्यत बंदरगाहों तक सीमित रहीं या अपने तट के निकट ही संचालित होती रहीं। 

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 ऑपरेशन सिंदूर में रणनीतिक विजन का प्रदर्शन किया
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने तेजी से युद्धक तैयारी की स्थिति प्राप्त की। स्वदेशी अग्रिम पंक्ति के शक्तिशाली युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों से युक्त कैरियर बैटल ग्रुप और सरफेस एक्शन ग्रुप को उत्तरी अरब सागर में आक्रामक मुद्रा में तैनात किया गया। वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व के रणनीतिक विजन को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। सटीक और बिना किसी अस्पष्टता के निर्देश दिए गए और आवश्यक ऑपरेशनल स्वतंत्रता प्रदान की। इसी के परिणामस्वरूप भारतीय रक्षा बल निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने में सक्षम हुए।

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उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान समुद्र में भारत की बढ़त ने एक विश्वसनीय प्रतिरोध क्षमता तैयार की। साथ ही पाकिस्तान के आर्थिक व्यापार मार्गों और सामरिक जोखिमों पर दबाव बनाया। इससे तनाव नियंत्रण की रणनीति को भी महत्वपूर्ण सहायता मिली। ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध किया कि भारत उकसावे का जवाब संतुलित, सटीक और अनुपातिक शक्ति के माध्यम से देने में सक्षम है। इस अभियान ने दिखाया कि आतंकवादी ढांचे और उन्हें समर्थन देने वाली सैन्य व्यवस्थाओं को तेजी और प्रभावशीलता से निशाना बनाया जा सकता है।

स्वदेशी तकनीकों औप निर्णायक भूमिका को भी उजागर किया

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि इस अभियान ने स्वदेशी अत्याधुनिक तकनीकों, प्लेटफॉर्मों और प्रणालियों की निर्णायक भूमिका को भी उजागर किया। ड्रोन, बहु-स्तरीय रक्षा प्रणाली और काउंटर-ड्रोन, एरियल सिस्टम्स जैसे उपकरणों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकवादी ठिकानों पर लंबी दूरी के प्रिसीजन हथियारों से प्रहार कर भारत ने पाकिस्तान की तथाकथित परमाणु ब्लैकमेल की नीति को प्रभावी रूप से चुनौती दी।

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भविष्य की रणनीति और निर्णायक बढ़त
उन्होंने कहा, यदि ऑपरेशन सिंदूर संतुलित संकल्प का प्रमाण था, तो भविष्य में हमारी प्रतिक्रिया स्थायी और निर्णायक बढ़त का उदाहरण होगी। यदि दोबारा चुनौती दी गई, तो हम केवल प्रतिक्रिया नहीं देंगे, बल्कि शुरुआत से ही युद्धक्षेत्र की दिशा तय करेंगे। भारतीय नौसेना, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर यह सिद्ध कर चुकी है कि वह कहीं भी, कभी भी और किसी भी प्रकार से गहराई तक प्रहार करने में सक्षम है।



 


 
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