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Op Sindoor: कांग्रेस ने मांगा रक्षा मंत्री का इस्तीफा, बलिदानी सपूतों पर क्या बोले कर्नाटक के पार्टी अध्यक्ष?

Mon, 29 Jun 2026 10:56 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, बंगलूरु

सार

Operation Sindoor Controversy: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि अभियान में कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ, जबकि बाद में छह जवानों के बलिदान की पुष्टि हुई। उन्होंने इसे संसद को गुमराह करने का मामला बताते हुए रक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की।
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बीके हरिप्रसाद, अध्यक्ष, कर्नाटक कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश वरिष्ठ नेता नेता बीके हरिप्रसाद ने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों के मुद्दे पर संसद को गुमराह किया। यह विवाद उन छह जवानों के नाम हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) पर अंकित किए जाने के बाद सामने आया है, जिन्होंने ऑपरेशन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।

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संसद में दिए गए बयान पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में हरिप्रसाद ने वर्ष 2025 में संसद में दिए गए राजनाथ सिंह के बयान का हवाला दिया। उनका दावा है कि रक्षा मंत्री ने सदन में स्पष्ट रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की मृत्यु नहीं हुई थी। लेकिन बाद में छह शहीद जवानों के नाम सामने आने से सरकार का यह दावा सवालों के घेरे में आ गया।
 

'सच्चाई छिपाई गई तो जवाबदेही तय हो'
हरिप्रसाद ने अपने पोस्ट में लिखा, 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को स्पष्ट रूप से बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई। लेकिन बाद में भाजपा सरकार द्वारा उन जवानों के नाम सार्वजनिक किए गए जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह एक गंभीर विरोधाभास है। यदि राष्ट्रीय महत्व के इतने गंभीर विषय पर संसद को गुमराह किया गया है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। संसद को गलत जानकारी देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस्तीफ देना चाहिए। हमारे शहीद सत्य, ईमानदारी और सम्मान के हकदार हैं, न कि विरोधाभासी बयानों के।'

नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज हुए छह शहीदों के नाम
मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए भारतीय सशस्त्र बलों के छह जवानों के नाम अब नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर अंकित किए गए हैं। इसके बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया।
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रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को बताया भ्रामक
विवाद बढ़ने पर रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी छह जवानों को देश ने पहली उपलब्ध अवसर पर ही सम्मानित किया था। मंत्रालय ने उन दावों को पूरी तरह खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि उनके बलिदान को हाल ही में पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया।

11 मई को ही दी गई थी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ वर्गों में ऐसी भ्रामक खबरें प्रसारित की गईं कि इन छह जवानों के बलिदान को हाल ही में पहली बार मान्यता मिली। मंत्रालय के अनुसार, 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने इन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके सर्वोच्च बलिदान का विशेष रूप से उल्लेख किया था।

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वीरता पुरस्कारों से भी किया गया सम्मानित
मंत्रालय ने यह भी बताया कि इन सभी शहीद सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए थे। इसकी आधिकारिक जानकारी 14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई थी। मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मान भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परंपराओं के अनुरूप उनकी वीरता और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता देने का प्रतीक था।

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