सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यह संकेत दिया कि सोनीपत के ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा के साथ गैंगरेप करने के मामले में दोषी करार दिए गए दो मुख्य दोषियों को वापस जेल में होना चाहिए। न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि ट्रायल के दौरान वाले जेल में रहने वाले दो मुख्य आरोपियों को आखिर 20-20 वर्ष की सजा मिलने के बाद कैसे जमानत दी गई। पीठ ने इसे विरल उदाहरण बताया।
पीठ ने पाया कि दोषी ठहराए जाने के बाद इन दोनों को पहली बार जेल से छोड़ा गया था। पीठ ने कहा कि मात्र इस आधार पर ही हाईकोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए। पीठ ने यह भी कहा कि कानून हमें हर दिन कुछ सीखने का मौका देता है।
गुरुवार को पीठ को जानकारी दी गई कि इस मामले में दोषी ठहराए गए तीनों छात्र जेल से बाहर है। इस पर पीठ ने कहा कि आखिर वे बाहर कैसे हो सकते हैं? हम मुख्य दोषी को जेल में वापस भेजेंगे। हालांकि पीठ ने कहा कि 18 जनवरी को उचित आदेश पारित किया जाएगा। वहीं तीसरे दोषी को पीठ ने फिलहाल राहत देते हुए अगले आदेश पर उसे गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है। तीसरे दोषियों को सात वर्ष की कैद की सजा मिली है।