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One Nation One Elections: 25 फरवरी को जेपीसी की अहम बैठक; 'एक देश, एक चुनाव' पर कानूनी विशेषज्ञ करेंगे मंथन

Sun, 16 Feb 2025 10:35 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

One Nation One Elections: 25 फरवरी को 'एक देश, एक चुनाव' पर कानूनी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। बता दें कि, ये मंथन संसद संयुक्त समिति की एक अहम बैठक में किया जाएगा।इस संयुक्त समिति का गठन इन विधेयकों की गहराई से समीक्षा करने के लिए किया गया है 
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संसद भवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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25 फरवरी को संसद की संयुक्त समिति की अहम बैठक होगी। जिसमें 'एक देश, एक चुनाव' पर कानूनी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। इसे लेकर जारी किए गए आधिकारिक नोटिस में कहा गया- संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्यक्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा के लिए गठित संयुक्त समिति की बैठक 25 फरवरी, 2025 को संसद भवन एनेक्सी (पीएचए) में आयोजित होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कानूनी विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा की जाएगी।  
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क्या है बैठक का उद्देश्य?
इस संयुक्त समिति का गठन इन विधेयकों की गहराई से समीक्षा करने के लिए किया गया है। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्यक्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 से जुड़े कई पहलुओं को समझने और उनकी संवैधानिक वैधता पर विचार करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में समिति के सदस्य इन विधेयकों से जुड़े कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों से इन विधेयकों की संभावित चुनौतियों और व्यावहारिक पहलुओं पर राय ली जाएगी।  

संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024
यह विधेयक संविधान में एक महत्वपूर्ण संशोधन से जुड़ा है। हालांकि, इस विधेयक के सटीक प्रावधानों पर अभी विस्तार से जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

संघ राज्यक्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024
यह विधेयक केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कुछ मौजूदा कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और संघ शासित प्रदेशों में सुशासन को मजबूत करना बताया जा रहा है।  
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विशेषज्ञों की राय होगी महत्वपूर्ण
संयुक्त समिति की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें कानूनी विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। इन विशेषज्ञों के विचार इन विधेयकों में जरूरी संशोधन सुझाने में सहायक हो सकते हैं। समिति की सिफारिशें भविष्य में इन विधेयकों के पारित होने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। इस बैठक के निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी क्योंकि ये विधेयक देश की संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था पर प्रभाव डाल सकते हैं।
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