आगामी दिनों में जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें मिजोरम एक है। साथ ही मिजोरम इनमें सबसे छोटा राज्य है जहां विधानसभा की 40 सीटें हैं। दिलचस्प बात ये है कि इन 40 सीटों में मात्र एक सीट ही जनरल है, शेष 39 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
पिछले 10 साल से इस इकलौती जनरल सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। मिजोरम की जनसंख्या की बात करें तो 2011 की जनगणना के मुताबिक सूबे की आबादी करीब 11 लाख है, जो इसे देश का दूसरा सबसे कम जनसंख्या वाला प्रदेश बनाती है।
मिजोरम के 90 फीसदी इलाके में जंगल है और 95 फीसदी आबादी विभिन्न आदिवासी समूहों से ताल्लुक रखती है। मिजोरम की 39 सीटें आरक्षित होने के पीछे यही वजह है। आइजॉल में कुल 14 विधानसभा हैं, जिनमें इकलौती सामान्य सीट आइजॉल ईस्ट-1 है।
आइजॉल ईस्ट-1 सीट हमेशा से सामान्य नहीं थी। 1989 से 2003 के बीच हुए चुनावों में जनरल सीट का दर्जा लंगलेई साउथ के पास था, जो लंगलेई जिले की विधानसभा सीट है। 2008 में यह दर्जा आइजॉल ईस्ट-1 के पास आ गया।
2008 के विधानसभा चुनाव में आइजॉल ईस्ट-1 पर कांग्रेस के आर. लल रिनावमा ने जीत हासिल की थी। 2013 में भी कांग्रेस ने रिनावमा पर भरोसा जताया और इन्होंने जीत हासिल की। नतीजतन रिनावमा को मिजोरम विधानसभा में उपसभापति बनाया गया।