विदेश में बसे और वहां की नागरिकता ले चुके भारतीय लोगों के लिए 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' यानी ओसीआई कार्ड जारी किए जाते हैं। ओसीआई को भारत के विदेशी नागरिक कार्ड भी कहा जाता है। भारत सरकार ने मार्च 2020 तक 200 देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए करीब 35 लाख ओसीआई कार्ड जारी किए थे।
खास बात यह है कि इनमें से 32 लाख से अधिक कार्ड केवल दस देशों में रहने वाले भारतीयों को मिले हैं। दार-उस-सलाम, इक्वेटोरियल गिनी, फ्रेंच गुयाना, कुराकाओ और स्लोवानिया गणराज्य ऐसे हैं, जहां पर केवल एक-एक भारतीय को ओसीआई कार्ड मिला है।
इसके अलावा करीब आधा दर्जन देश ऐसे भी हैं, जहां दो-दो भारतीयों को यह कार्ड जारी हुआ है। इनमें हैती, माली व क्यूबा आदि देश शामिल हैं। 90 फीसदी कार्ड वाले देशों में टॉप पर अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, कनाडा व न्यूजीलैंड आदि का नाम आता है।
ये हैं ओसीआई कार्ड वाले टॉप-10 देश
अमेरिका 1309559, ब्रिटेन 788411, आस्ट्रेलिया 403746, कनाडा 317375, पुर्तगाल 87299, न्यूजीलैंड 69883, फ्रांस 65678, सिंगापुर 63290, मलेशिया 61703 व इटली में 53008 रह रहे भारतीयों को ओसीआई कार्ड जारी किया गया है।
श्रीलंका 23831, मारीशस 8759, रूस 3154, फ़िजी 1291, चीन 1065 व सूरीनाम में 444 लोगों को भारत के विदेशी नागरिक वाला कार्ड मिला है। दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय जब स्वदेश आते थे, तो उन्हें भारत के लिए वीजा लेना पड़ता था।
इन्हीं लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए 2003 में भारत सरकार ने पीआईओ कार्ड देने का प्रावधान शुरू किया था। पीआईओ यानी पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजन, यह कार्ड दस साल के लिए जारी किया जाता था। इसके बाद भारत सरकार ने ओसीआई कार्ड देना शुरू कर दिया। 2015 में पीआईओ को समाप्त कर दिया गया। ओसीआई कार्ड अभी तक जारी किया जा रहा है।