लोकसभा में सांसदों की हाजिरी को लेकर जारी रिपोर्ट में सांसदों का रिपोर्ट कार्ड कुछ खास बेहतर नहीं रहा है। कुल लोकसभा सांसदों में से सिर्फ 5 ने 100 फीसदी हाजिरी दर्ज कराई है, जबकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से ज्यादा हाजिरी कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की रही। राहुल की हाजिरी लोकसभा में 54% की रही, तो सोनिया गांधी 59% मौकों पर सदन में नजर आईं।
इस रिपोर्ट कार्ड में बेहतर प्रदर्शन करने वालों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन चुके योगी आदित्यनाथ का भी नाम शामिल है। योगी आदित्यनाथ की हाजिरी 72% रही, जो कई बड़े नेताओं से कहीं अधिक है। उत्तर प्रदेश के बांदा से बीजेपी सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने सदन में सबसे ज्यादा 1468 बहसों में हिस्सा लिया है, जो सबसे अधिक है। उनके नाम सबसे ज्यादा शत प्रतिशत हाजिरी का भी रिकॉर्ड रहा। खास बात ये है कि सभी सांसदों की कुल संख्या के 25 फीसदी सांसद यानि 133 सांसदों की हाजिरी 90% रही।
लोकसभा के अटेंडेंस का कामकाज पीआरएस लेजिस्लेटिव नाम की गैर-लाभकारी शोध संस्था देखती है। इसमें प्रधानमंत्री, कुछ खास मंत्रियों के साथ ही विपक्ष के नेता की हाजिरी नहीं लगती। उन्हें इससे छूट मिली हुई है, जबकि बाकी के सांसदों को हाजिरी के रजिस्टर में दस्तखत करने होते हैं।
पीआरएस लेजिस्लेटिव की रिपोर्ट के मुताबिक इस लोकसभा के तीन सालों में सिर्फ 5 सांसदों का रिकॉर्ड शत प्रतिशत रहा है। इसमें मिश्र के अलावा जगतपुर के बीजेडी(बीजू जनता दल) के सांसद कुलमणि समल, नॉर्थ मुंबई के बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी, अहमदाबाद वेस्ट के बीजेपी सांसद किरीट सोलंकी और सोनीपत(हरियाणा) के बीजेपी एमपी रमेश चंदर का नाम है।
सोलहवीं लोकसभा के तीन सालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोईली की हाजिरी 91% रही, तो नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हाजिरी 92% रही। वहीं कांग्रेस के युवा नेताओं ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजीव सतव की हाजिरी क्रमश: 80 और 91 फीसदी रही।
वरिष्ठ नेताओं में मुलायम सिंह यादव की हाजिरी 79% रही, तो चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर की हाजिरी 86% रही। परेश रावत भी 68% हाजिरी के साथ फर्स्ट डिवीजन में पास हुए हैं।