वरिष्ठ जदयू नेता शरद यादव ने संकेत दिया है कि अगर भाजपा कट्टर हिंदूवादी विचार वाले किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार बनाती है तो विपक्षी दल अपना प्रत्याशी उतारेंगे। अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस नीत विपक्ष के उतरने की स्थिति में शरद यादव को भी उम्मीदवारी का संभावित दावेदार माना जा रहा है।
शरद यादव ने कहा कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा प्रस्तावित नाम संविधान में भरोसा रखने वाला और संवैधानिक शुचिता से जुड़ा हो तो भाजपा नीत एनडीए के उम्मीदवार के नाम पर आम सहमति बन सकती है। राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘अगर वे ऐसे नाम का प्रस्ताव रखते हैं जो संविधान में भरोसा रखता है, जो संविधान की शुचिता को समझता है, उसे मानता है तो आम सहमति बन सकती है। हम बात करेंगे।’
जब इस बारे में विस्तार से पूछा गया तो यादव ने ‘लव जिहाद’ और ‘घर वापसी’ जैसे मुद्दों की बात की जिनसे हिंदूवादी संगठनों का नाम जुड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि ये संविधान के खिलाफ हैं।