Rajya Sabha: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार से जुड़ी कोई भी चीज केवल सरकार ही कह सकती है यह सही तथ्य है या गलत। हमारा यही रुख है। आईटी नियमों में संशोधन पर उच्चतम न्यायालय ने इस साल रोक लगाई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट (एफसीयू) पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ही यह तय कर सकता है कि कोई तथ्य सही है या गलत। वैष्णव राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान फैक्ट चेक यूनिट स्थापित करने के लिए केंद्र की अधिसूचना पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में संशोधन पर अब भी विरोध है। लेकिन हमारा कहना है कि भारत सरकार से जुड़ी कोई भी चीज केवल सरकार ही कह सकती है यह सही तथ्य है या गलत। हमारा यही रुख है। आईटी नियमों में संशोधन पर उच्चतम न्यायालय ने इस साल रोक लगाई है।
शीर्ष अदालत ने इस साल मार्च में केंद्र सरकार के बारे में फर्जी खबरों की पहचान करने के लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के तहत एक फैक्ट चेक यूनिट स्थापित करने पर केंद्र की अधिसूचना पर रोक लगा दी थी। फैक्ट चेक यूनिट को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत 20 मार्च को अधिसूचित किया गया था।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बंबई उच्च न्यायालय के 11 मार्च के आदेश को रद्द किया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में केंद्र सरकार के बारे में सोशल मीडिया पर फर्जी और झूठी सामग्री की पहचान करने के लिए संशोधित आईटी नियमों के तहत फैक्ट चेक यूनिट की स्थापना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि पीआईबी के तहत क्षेत्रीय फैक्ट चेक यूनिट स्थापित करने की केंद्र की कोई योजना नहीं है। मुरुगन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बगैर तथ्यात्मक रूप से गलत सूचना प्रसारित किए जाने की घटनाओं पर भी बात की।
मंत्री ने एक मुख्यमंत्री उदाहरण दिया, जो हाल ही में नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के दिल्ली आई थीं और उन्होंने दावा किया था कि उनका माइक्रोफोन बंद किया गया। उन्होंने ने कहा, पिछले हफ्ते भी एक मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली आई थीं। उस बैठक में उन्होंने जिक्र किया कि उनका माइक बंद कर दिया गया था। लेकिन उनका यह बयान गुमराह करने वाला था।