रेडसीर द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, इस साल प्रमोशन पर ई-कॉमर्स कंपनियां ज्यादा खर्च कर रही हैं। पिछले साल की तुलना में ऑनलाइन कंपनियां दोगुने ग्राहकों को विभिन्न स्तरों पर प्रचार-प्रसार से आकर्षित करेंगी। ऐसे में इस साल 38 फीसदी ग्राहकों को ऑफर और छूट के बारे में पहले से पता होगा, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 19 फीसदी रहा था।
वहीं, आपसी बातचीत से 15 फीसदी लोगों को जानकारी हासिल होगी। सर्वे के मुताबिक, 29 फीसदी मोबाइल फोन खरीदेंगे, 27 फीसदी फैशन उत्पाद, 17 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद और 13 फीसदी बड़े सामानों की खरीद करेंगे।
दूसरे सर्वे के मुताबिक, 91 फीसदी ग्राहक सामग्री नि:शुल्क मंगाने का विकल्प चुनते हैं। कंपनियां न्यूनतम 3 से 15 दिन तक का समय लेती हैं। डीडीटी द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक, ग्राहक यह मानते हैं कि सामान जल्दी से अच्छा नि:शुल्क पहुंचे। ई-कॉमर्स बाजार विशेषज्ञ भी यह मानते हैं कि ऑनलाइन कंपनियों पर अब जल्द पहुंचाने का बोझ सामग्री पहुंचाने में शुल्क लगाने के बाद हुआ है।
नवरात्रि की शुरुआत में यह चलन सामने आया है कि लोग बड़ी योजना के साथ खरीद कर रहे हैं और नि:शुल्क सामान पहुंचाने का विकल्प चुन रहे हैं। जाहिर है कि छूट और ऑफर के बाद अगर सामग्री पर अन्य शुल्क लग जाएगा तो बचत नहीं होगी। ऐसे में उपभोक्ता समझदारी से काम ले रहे हैं।
रेडसीर सर्वे पर गौर करें, तो सर्वाधिक ग्राहक डेबिट कार्ड के जरिये कैश ऑन डिलिवरी (सीओडी) का लाभ उठाएंगे। जबकि अन्य डिजिटल भुगतान के जरिये खरीद करेंगे। ऐसे में कुल खरीद में ऑनलाइन कंपनियों से 63 फीसदी खरीद शहरी क्षेत्रों में होगी।
इसमें 37 फीसदी ग्राहक त्योहार के मूड, वक्त और सुविधा के मद्देनजर खरीद करेंगे। जबकि शेष ऑफर और छूट को ध्यान में रखकर खरीद करेंगे। इसके अलावा, 11 फीसदी के करीब ग्राहक ईएमआई के जरिये भुगतान करेंगे।