लॉकडाउन से पहले यानी वित्त वर्ष 2019 में भारत में करीब 30 करोड़ ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट बन चुके थे। गेमिंग इंडस्ट्री ने घरों में कैद लोगों की जरूरतों का फायदा उठाते हुए भारी संख्या में मैसिव्ली मल्टीप्लेयर ऑनलाइन (एमएमओ) गेम उतारे।
नतीजा, नॉर्टनलाइफलॉक एजेंसी के सर्वे में 59 प्रतिशत लोगों ने मोबाइल गेमिंग से जुड़ने की बात स्वीकारी। इनमें 1965 से 1980 के बीच जन्मी जनरेशन-एक्स के 92 प्रतिशत लोेगों ने ऑनलाइन गेमिंग को समय बिताने का सबसे अच्छा तरीका बताया।
ऑनलाइन म्यूजिक : गैर-फिल्मी संगीत सुनने वाले बढ़े
2020 में भारतीयों द्वारा ऑनलाइन म्यूजिक सुनने का चलन 40 प्रतिशत बढ़ा है। रिकॉर्डिंग इंडस्ट्री वितरकों के ट्रस्ट इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री ने दिसंबर में बताया कि इसमें फिल्मों से लेकर गैर-फिल्मी संगीतकारों के काम को भी खूब सुना गया।
लोगों ने अपने घर के काम करते हुए, खेलते हुए भी संगीत सुनने के लिए सामान्य से करीब डेढ़ गुना समय दिया। कई मोबाइल व डेस्कटॉप एप लॉन्च हुए, और जो पहले से चल रहे थे, उन्हाेंने अपनी सेवाएं व फीचर बढ़ा दिए।
- खास बात, इन एप पर स्वतंत्र संगीतकारों व गायकों का काम नागरिकों तक कहीं ज्यादा आसानी से पहुंचने लगा है।
- 2019 में 100 सबसे ज्यादा सुने गए हिंदी गीतों में 40 गैर-फिल्मी थे। 2020 के दौरान यह संख्या 65 पहुंच गई।
- इसी तरह क्षेत्रीय भाषाओं और शैली के संगीत की हिस्सेदारी 33 फीसदी से बढ़कर 39 फीसदी पर पहुंच चुकी है।
- 2020 तक करीब दो हजार करोड़ तक पहुंच चुका ऑनलाइन म्यूजिक बाजार 8 से 10% की सालाना दर से बढ़ने के अनुमान है।
एप पर संगीत
| मार्केट शेयर |
% |
| गाना |
30% |
| जियोसावन |
24% |
| विंक म्यूजिक |
15% |
| स्पॉटीफाय |
15% |
| गूगल प्ले म्यूजिक |
10% |
(आंकड़े दिसंबर तक/स्रोत प्राइवेट एजेंसियां)