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मनोरंजन का डिजिटल अवतार: भारत में तेजी से बढ़ा ऑनलाइन बाजार

Wed, 24 Mar 2021 07:36 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • इंटरनेट के जरिये फिल्म, टीवी शो, संगीत, ऑनलाइन गेमिंग
  • बीते एक साल में तेजी से बढ़ा मस्ती का डिजिटलीकरण
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Ott Platforms - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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विस्तार
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भारतीयों के मनोरंजन के साधन तक बदल डाले हैं। टीवी और सिनेमा हॉल जैसे लोकप्रिय साधनों के बजाय अधिकतर लोग इंटरनेट आधारित डिजिटल माध्यमों की ओर बढ़ चुके हैं। केवल 2020 में इंटरनेट स्ट्रीमिंग के जरिये ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म पर टीवी शो व फिल्में देखने का बाजार 35% बढ़ा है।

  • संगीत सुनने वालों ने भी एप का इस्तेमाल बढ़ाया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एमएमओ गेम्स की भी बाढ़ आ चुकी है, जिसमें करोड़ों भारतीय हिस्सा लेने लगे हैं।
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ग्राहक तीन करोड़ हो गए और कमाई ढाई गुना बढ़ी। मार्च 2020 में ओटीटी के देश में 2.20 करोड़ ग्राहक थे, जो जुलाई 2020 तक 2.90 करोड़ हो गए। जहां 2019 में इन प्लेटफॉर्म की आय में सब्सक्रिप्शन खरीदने वाले ग्राहकों का योगदान केवल 10% था, ेजो 2020 में यह 25% पहुंच गया।
  • डीटीएच पर महीने के चार-पांच सौ रुपये के प्लान के मुकाबले अधिकतर नागरिकों ने ओटीटी पर सालाना इतनी ही कीमत के पैकेज चुनने शुरू कर दिए हैं।

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 फिल्मों की स्ट्रीमिंग
2020 में मार्च मध्य में सिनेमा घर बंद हुए, लेकिन दर्शकों को फिर भी नौ नई फिल्में देखने को मिलीं। इनकी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग की गई। साल 2021 में 19 नई फिल्में और टीवी शो सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होंगे। यानी लोगों को मनोरंजन के लिए मल्टीप्लेक्स नहीं जाना होगा।

प्रमुख प्लेटफॉर्म और सब्सक्राइबर्स
 
प्लेटफॉर्म सब्सक्राइबर्स 2019 में थे
डिज्नी हॉटस्टार 1.86 करोड़ 53.6 लाख
अमेजन प्राइम 58.3 लाख 43.4 लाख
नेटफ्लिक्स 30.8 लाख 20 लाख
सोनीलिव 27 लाख 19.9 लाख
जी5 18.1 लाख 6.5 लाख
(दिसंबर 2020 तक, स्रोत विभिन्न इंडस्ट्री रिपोर्ट)
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ऑनलाइन गेमिंग, 30 करोड़ खिलाड़ी

लॉकडाउन से पहले यानी वित्त वर्ष 2019 में भारत में करीब 30 करोड़ ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट बन चुके थे। गेमिंग इंडस्ट्री ने घरों में कैद लोगों की जरूरतों का फायदा उठाते हुए भारी संख्या में मैसिव्ली मल्टीप्लेयर ऑनलाइन (एमएमओ) गेम उतारे।

नतीजा, नॉर्टनलाइफलॉक एजेंसी के सर्वे में 59 प्रतिशत लोगों ने मोबाइल गेमिंग से जुड़ने की बात स्वीकारी। इनमें 1965 से 1980 के बीच जन्मी जनरेशन-एक्स के 92 प्रतिशत लोेगों ने ऑनलाइन गेमिंग को समय बिताने का सबसे अच्छा तरीका बताया।

ऑनलाइन म्यूजिक : गैर-फिल्मी संगीत सुनने वाले बढ़े
2020 में भारतीयों द्वारा ऑनलाइन म्यूजिक सुनने का चलन 40 प्रतिशत बढ़ा है। रिकॉर्डिंग इंडस्ट्री वितरकों के ट्रस्ट इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री ने दिसंबर में बताया कि इसमें फिल्मों से लेकर गैर-फिल्मी संगीतकारों के काम को भी खूब सुना गया।

लोगों ने अपने घर के काम करते हुए, खेलते हुए भी संगीत सुनने के लिए सामान्य से करीब डेढ़ गुना समय दिया। कई मोबाइल व डेस्कटॉप एप लॉन्च हुए, और जो पहले से चल रहे थे, उन्हाेंने अपनी सेवाएं व फीचर बढ़ा दिए।
  • खास बात, इन एप पर स्वतंत्र संगीतकारों व गायकों का काम नागरिकों तक कहीं ज्यादा आसानी से पहुंचने लगा है।
  • 2019 में 100 सबसे ज्यादा सुने गए हिंदी गीतों में 40 गैर-फिल्मी थे। 2020 के दौरान यह संख्या 65 पहुंच गई। 
  • इसी तरह क्षेत्रीय भाषाओं और शैली के संगीत की हिस्सेदारी 33 फीसदी से बढ़कर 39 फीसदी पर पहुंच चुकी है।
  • 2020 तक करीब दो हजार करोड़ तक पहुंच चुका ऑनलाइन म्यूजिक बाजार 8 से 10% की सालाना दर से बढ़ने के अनुमान है।
एप पर संगीत    
मार्केट शेयर %
गाना 30%
जियोसावन 24%
विंक म्यूजिक 15%
स्पॉटीफाय 15%
गूगल प्ले म्यूजिक 10%
(आंकड़े दिसंबर तक/स्रोत प्राइवेट एजेंसियां)
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