सरकार ने बुधवार को कहा कि वह देश में सुरक्षित, जिम्मेदार और जवाबदेह ऑनलाइन गेमिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रतिबद्ध है। सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री एल मुरुगन ने लोकसभा में बताया कि इस उद्देश्य से ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन अधिनियम, 2025 लागू किया गया है। इस कानून के तहत पैसे से जुड़े ऑनलाइन खेलों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
मुरुगन ने कहा कि इस कानून का मकसद ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देना है, जबकि पैसे से जुड़े ऑनलाइन खेलों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध हर तरह के खेलों पर लागू है, चाहे वे भाग्य आधारित हों, कौशल आधारित हों या दोनों का मिश्रण हों।
आईटी राज्यमंत्री ने कहा, कानून के तहत ऐसे पैसे से जुड़े ऑनलाइन खेलों के विज्ञापन, प्रचार और संचालन पर भी रोक है। इसके अलावा बैंकों और भुगतान प्रणालियों के जरिये इनसे जुड़े लेनदेन को भी प्रतिबंधित किया गया है। सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 के तहत अवैध ऑनलाइन प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का अधिकार भी दिया गया है।
3 साल जेल, 1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान
मुरुगन ने बताया कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त सजा का प्रावधान है। ऑनलाइन पैसे वाले खेल चलाने या उनसे जुड़े लेनदेन कराने पर तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। ऐसे खेलों के विज्ञापन पर दो साल तक की जेल या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, जबकि दोबारा अपराध पर सजा और जुर्माना और बढ़ जाएगा।