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Online Games: ऑनलाइन गेम्स पर बैन लगाने की तैयारी तेज, इस मंत्रालय के नेतृत्व में सरकार बनाने जा रही प्राधिकरण

Fri, 03 Oct 2025 08:24 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने ई-स्पोर्ट्स, डिजिटल सोशल गेम्स और रियल मनी गेम्स (आरएमजी) पर प्रतिबंध लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अध्यक्षता में भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को सुरक्षित बनाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया” बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह नई संस्था ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगी और रियल मनी गेम पर पूरी तरह रोक लगाएगी। अगर कोई गेम रियल मनी गेम पाया गया, तो तुरंत बंद करने का आदेश दिया जाएगा। नियम तोड़ने पर तीन साल तक जेल या एक करोड़ रुपये तक जुर्माना या दोनों लग सकते हैं। अधिकारी डिजिटल और भौतिक जगह पर जांच और गिरफ्तारी कर सकेंगे।
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यदि कोई गेम रियल मनी गेम यानी पैसे वाला गेम पाया जाता है, तो अथॉरिटी तुरंत उसे बंद करने का आदेश देगी। नियम तोड़ने पर तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों लग सकते हैं। अधिकृत अधिकारी डिजिटल या भौतिक जगह पर जाकर बिना वारंट जांच और गिरफ्तारी कर सकते हैं। यह कदम अधिकारियों को सख्ती से नियम लागू करने की शक्ति देता है। अधिकारियों को किसी भी कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा दी गई है। सरकार ने जनता से 31 अक्तूबर तक इस ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे हैं।

कौन करेगा अध्यक्षता?
भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का अध्यक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद का होगा या अतिरिक्त सचिव की अनुपस्थिति में संयुक्त सचिव होगा। प्राधिकरण देश में कानूनी रूप से खेले जा सकने वाले ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम को मंजूरी देगा और अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर किसी भी ऑनलाइन सोशल गेम या ई-स्पोर्ट का पंजीकरण रद्द या निलंबित कर सकता है।
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विज्ञापन में शामिल संस्थाओं पर भी रहेगी नजर
अधिनियम के अनुसार, ऑनलाइन मनी गेम्स के विज्ञापन में शामिल संस्थाओं को दो साल तक की कैद या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो अधिनियम का उल्लंघन करते हुए किसी भी लेन-देन या धन के प्राधिकरण में शामिल होता है, उसे तीन साल तक की कैद या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। मसौदा नियमों में प्रस्तावित है कि नियमों के तहत किसी भी अधिकृत अधिकारी को किसी भी स्थान, चाहे वह भौतिक हो या डिजिटल, में प्रवेश करने और पीआरओजी अधिनियम 2025 के तहत कोई भी अपराध करने या करने वाले संदिग्ध व्यक्ति की बिना वारंट के तलाशी लेने और गिरफ्तार करने की अनुमति दी जाएगी।

मसौदा नियमों में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में निहित किसी भी बात के बावजूद, धारा पांच और धारा सात के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। मसौदा नियमों के तहत धारा पांच संस्थाओं को ऑनलाइन मनी गेम्स और ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं की पेशकश, सहायता, प्रोत्साहन, प्रेरणा या उनमें शामिल होने से रोकती है। धारा सात बैंकों, वित्तीय संस्थानों या किसी अन्य व्यक्ति को किसी भी ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवा के लिए वित्तीय लेनदेन की सुविधा प्रदान करने से रोकती है। पीआरओजी अधिनियम की धारा 19 के तहत मसौदा नियम तैयार किए गए हैं, जिसे राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई और 22 अगस्त को अधिसूचित किया गया।
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अगस्त में संसद द्वारा अनुमोदित यह अधिनियम देश में ऑनलाइन मनी गेम्स और धन-आधारित गेमिंग सेवाओं के साथ-साथ उनके प्रचार पर भी प्रतिबंध लगाता है। नियमों में अधिनियम के तहत उपकरणों सहित संदिग्ध स्थानों की तलाशी लेने के लिए अधिकृत अधिकारियों या व्यक्तियों को किसी भी प्रकार के मुकदमे या कानूनी कार्यवाही से सुरक्षा प्रदान करने का प्रस्ताव है।इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मसौदा नियमों पर 31 अक्टूबर तक प्रतिक्रिया और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।
 
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