अमर उजाला पोल के जरिए इस बार पूछे गए सवाल 'क्या इंटरनेट पर चल रहा ऑनलाइन कंटेंट भी सेंसर बोर्ड के दायरे में आना चाहिए?' पर लोगों ने बढ़-चढ़ कर अपनी राय हमें भेजी है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि पूछे गए सवाल पर 78.63% पाठकों को यही लगता है कि इंटरनेट पर चल रहा ऑनलाइन कंटेंट भी सेंसर होना चाहिए वहीं 21.37% पाठकों का ऑनलाइन कंटेंट पर भरोसा कायम है और उन्हें नहीं लगता कि इसे सेंसर बोर्ड के तहत लाने की जरूरत है। इस सवाल पर कुल 1933 पाठकों ने भाग लिया जिससे लोगों की ये स्पष्ट राय सामने आई है। अमर उजाला पोलिंग पाठकों की सहभागिता से विशेष विषयों पर स्पष्ट राय निकालने की एक कोशिश है। इसीलिए इस मुद्दे को आपके बीच रखा गया। अमर उजाला पोल के साथ आप जुड़े रहें क्योंकि आपकी राय से ही देश को मिलेगी नई दिशा।