भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जेडीयू नेता नीतीश कुमार से भेंट कर 2019 की तैयारियों का खाका खींचने पटना पहुंचे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने दूत के रूप में महासचिव संगठन अशोक गहलोत को बुधवार रात पटना रवाना किया।
गहलोत वैसे तो बीमार लालू प्रसाद यादव का हाल जानने गए थे लेकिन उनके साथ 40 सीटों वाले राज्य की राजनीतिक नब्ज भी टटोली। गहलोत की लालू के आवास पर अकेले लंबी बातचीत हुई। जिसमें सीटों के तालमेल और महागठबंधन के विस्तार पर भी चर्चा हुई। गहलोत बृहस्पतिवार रात दिल्ली लौटेंगे।
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो बिहार में महागठबंधन के विस्तार और मजबूती का जिम्मा पूरी तरह आरजेडी पर छोड़ा गया है। आरजेडी बिहार में कुछ छोटे दलों या ऐसे मजबूत निर्दलीय उम्मीदवार भी महागठबंधन के प्लेटफार्म से उतारना चाहती है।
एनडीए से सीधी टक्कर में कुछ ऐसे नेता भी हैं जिसके खिलाफ महागठबंधन अपने उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला लेगी। बिहार में दोनों ही दल भाजपा के राजनीतिक कदमों और रणनीति पर नजर बनाए हैं।
जानकारी के मुताबिक अगर महागठबंधन में अन्य क्षेत्रीय दल नहीं जुड़ता है तो कांग्रेस को 12-15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि कांग्रेस अधिक सीटों की बजाय उन सीटों की जमीनी पड़ताल कर रही है जिन्हें जीतने के साथ वहां पार्टी को पुन: वजूद में लाया जा सके।
कांग्रेस की नजर उन सीटों पर है जहां 2014 में उसका वोट प्रतिशत अच्छा रहा है। गहलोत ने लालू को साफ कर दिया है कि सीटों को लेकर पार्टी अड़ने की बजाय भाजपा को रोकना चाहती है।