प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय, नई दिल्ली ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xBet के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत लगभग 18.10 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 1xBet भारत में बिना अनुमति के चल रहा था। इसके जरिए कई मिरर वेबसाइटों को साथ लेकर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। इस प्लेटफॉर्म ने फर्जी बैंक खातों से जुड़ा एक गतिशील सिस्टम तैयार किया। यूपीआई आईडी के माध्यम से धन संग्रह के लिए एक गुप्त तंत्र अपनाया गया। इसका मकसद, वास्तविक लाभार्थियों को छिपा कर अपराध की आय को कई परतों में बांटना था।
ईडी के मुताबिक, पार्थटेक डेवलपर्स एलएलपी, जो सीआरईएक्स और वनक्रिकेट जैसे लोकप्रिय क्रिकेट प्लेटफॉर्म संचालित करती है, ने 1xBet सहित अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों के प्रचार के लिए स्विट्जरलैंड स्थित Bwise Media AG के साथ सुनियोजित विज्ञापन समझौते किए थे। पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से यह साबित हुआ कि 1xBet के विज्ञापन सीधे बुक किए गए थे। वे भौगोलिक रूप से लक्षित थे। इन्हें पार्थटेक डेवलपर्स एलएलपी के इन-हाउस विज्ञापन सर्वर 'पार्थ एडेक्स' के माध्यम से सीआरईएक्स प्लेटफॉर्म पर चलाया गया था। फिलहाल इस केस में वर्तमान कुर्की के साथ, अभी तक 37.23 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। आगे की जांच जारी है।
ईडी, आम जनता को भारत में संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्मों, जिनमें 1xBet भी शामिल है, के प्रति सतर्क रहने की सलाह देती है। 1xBet बिना अनुमति के और भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रहा है।
- अनधिकृत ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुआ प्लेटफार्मों से न जुड़ें।
- सट्टेबाजी ऐप्स/वेबसाइटों से जुड़े संदिग्ध यूपीआई आईडी या अज्ञात भुगतान लिंक पर धनराशि हस्तांतरित न करें।
- ऐसे प्लेटफार्मों पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
- अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों, प्रचार नेटवर्क, भुगतान चैनलों या संबंधित संस्थाओं के बारे में कोई भी जानकारी ईडी या निकटतम कानून प्रवर्तन एजेंसी को सूचित करें।