कानून मंत्रालय ने अनुमान लगाया है कि बच्चों और महिलाओं से बलात्कार से संबंधित मामलों की सुनवाई की एक नई योजना के तहत पूरे भारत में 1,023 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की जरूरत है। इन अदालतों का गठन ऐसे मामलों में बेहतर जांच और तेज अभियोजन के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।
कानून मंत्रालय में न्याय विभाग ने इन अदालतों के गठन में 767.25 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया है। विभाग ने गृह मंत्रालय को बताया है कि केंद्र को केंद्रीय वित्त पोषण के तहत 474 करोड़ रुपये देने होंगे। नई योजना हाल में लाए गए एक अध्यादेश का हिस्सा है, जो अदालतों को 12 वर्ष तक के बच्चों से बलात्कार के दोषी व्यक्तियों को मौत की सजा देने की इजाजत देता है।