योजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इस साल 9 नवंबर तक 27 राज्यों के 1,037 स्टेशनों पर 1,134 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' आउटलेट चालू हैं। तमिलनाडु 137 स्टेशनों पर 146 आउटलेट के साथ सूची में सबसे ऊपर है, जबकि पश्चिम बंगाल 123 स्टेशनों पर इतनी ही संख्या में आउटलेट के साथ दूसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश 105 स्टेशनों पर 112 आउटलेट के साथ तीसरे स्थान पर है।
अधिकारी ने कहा, यह योजना तेजी से गति पकड़ रही है और बहुत जल्द हम देखेंगे कि कई अन्य स्टेशनों में ये आउटलेट होंगे। इस योजना के तहत भारतीय रेलवे अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान द्वारा विकसित डिजाइन स्टेशनों पर आकर्षक लुक, अनुभव और लोगो बिक्री आउटलेट के साथ प्रदान कर रहा है।
ये आउटलेट स्वदेशी उत्पादों को उच्च दृश्यता देने में मदद करते हैं और स्थानीय कारीगरों को लाभान्वित करते हैं। अधिकारी के अनुसार, नौ नवंबर तक 39,847 प्रत्यक्ष लाभार्थियों ने इस योजना के तहत दिए जा रहे अवसरों का लाभ उठाया है। अधिकारी ने कहा, यदि यह मान लिया जाए कि प्रत्येक आवंटन में अप्रत्यक्ष लाभार्थी पांच हैं, तो कुल लाभार्थी 1,43,232 होते हैं। कुल 49.58 रुपये की बिक्री दर्ज की गई है।
केंद्र ने स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों, बुनकरों/हथकरघा बुनकरों, शिल्पकारों आदि को कौशल विकास के माध्यम से आजीविका बढ़ाने के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्रीय बजट 2022-23 में ओएसओपी योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत, रेलवे देशभर के स्टेशनों पर बिक्री केंद्र प्रदान करता है और उन्हें निविदा प्रक्रिया के माध्यम से आवेदकों को आवंटित करता है। अधिकारी ने कहा, ओएसओपी नीति में यह परिकल्पना की गई है कि इस योजना का लाभ लक्षित समूहों यानी पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंचना चाहिए, और सभी आवेदकों को अवसर प्रदान करना चाहिए।