उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि एक पड़ोसी देश भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर में जानबूझकर और अधिक समस्याएं पैदा करना चाहता है। वह श्रीनगर और इसके आस-पास के स्कूलों की 30 छात्राओं के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस बात को लेकर किसी भी प्रकार का समझौते करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।
नायडू ने यहां अपने आवास पर हुई बातचीत में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि, हम पड़ोसी के साथ पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) पर विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, उसका कोई धर्म नहीं होता। विद्यार्थियों का यह दल दिल्ली भ्रमण पर आया है। इसका आयोजन भारतीय सेना ने किया है। नायडू ने इसके लिए सेना की सराहना की।
370 हटाना राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाना
नायडू ने एक ट्वीट में कहा कि जम्मू कश्मीर दशकों से विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था और अब 370 हटाने के काम को राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमापर आतंकवाद ने प्रतिभाशाली युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को नष्ट करके रख दिया है। हम इसे जारी नहीं रख सकते थे।