केंद्र सरकार ने सुदर्शन टीवी को उसके कार्यक्रम यूपीएससी जिहाद को लेकर एक और नोटिस दिया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, अंतर मंत्रालयी समिति ने इस कार्यक्रम के सभी एपिसोड को देखकर कुछ अतिरिक्त सिफारिशें दी हैं। केंद्र ने कहा, चैनल को समिति की सिफारिशों पर जवाब देने के लिए मौका देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी, सुनवाई टली
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ के समक्ष सुनवाई टालने का अनुरोध किया, जिसके कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मेहता ने बताया, समिति की सिफारिशों पर सोमवार को चैनल को कारण बताओ नोटिस दिया गया, इस पर सुनवाई मंगलवार को होगी।
मेहता ने सरकार की ओर से पीठ को एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया है कि चैनल को एक और नोटिस दिया गया है और सरकार चैनल को एक और अवसर देने के लिए बाध्य है। अंतर-मंत्रालयी समिति की सिफारिश और भविष्य के कार्यक्रम के संबंध में की अतिरिक्त सिफारिश का जिक्र करते हुए पत्र में कहा गया है कि यह प्रक्रिया केंद्र सरकार के आदेश के अनुपालन के लिए जरूरी है, ताकि प्राकृतिक न्याय हो सके।
पत्र में कहा गया है, पहले नोटिस पर मिला चैनल का जवाब विचार और सिफारिशों के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति को भेजा गया था। समिति ने चैनल को लिखित और मौखिक दलील पेश करने को कहा था। उनका पक्ष सुनने के बाद चार अक्तूबर को समिति ने सिफारिश दी। दरअसल, केंद्र सरकार ने 23 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि प्रथम दृष्टया पाया गया है कि यूपीएससी जिदाह कार्यक्रम में प्रोग्राम कोड का उल्लंघन हुआ, इसलिए चैनल को नोटिस जारी किया गया है।