मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बुधवार को कहा कि चुनाव आयोग (ईसी) एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनावों को करा सकता है। इस मुद्दे पर अंतिम फैसला विधानसभाओं पर निर्भर है।
राजीव कुमार ने कहा कि एक ही समय में संसदीय और राज्य विधानसभा चुनाव कराने का विषय चुनाव आयोग के दायरे में नहीं आता है। एक राष्ट्र, एक चुनाव पर चुनाव आयोग के विचार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसमें निश्चित रूप से बहुत सारे रसद, बहुत सारे व्यवधान शामिल हैं, लेकिन यह कुछ ऐसा है जो विधायिकाओं को तय करना है।
सीईसी पुणे में 'विशेष सारांश संशोधन 2023' पहल (मतदाता सूची अद्यतन करने से संबंधित) के राष्ट्रीय शुभारंभ के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से अगर ऐसा किया जाता है, तो हमने अपनी स्थिति सरकार को बता दी है कि प्रशासनिक रूप से आयोग इसे संभाल सकता है।
ट्रांसजेंडर के मतदाता बनने की प्रक्रिया को सरल बनाएंगे : राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के मतदाता बनने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। कुमार ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर इस समुदाय के लोगों के सामने आने वाली मुश्किलों पर बात करते हुए इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि मैंने और मेरे साथी अधिकारियों ने इन परेशानियों से निपटने के लिए इस समुदाय के लोगों के साथ एक बैठक भी की है।
उन्होंने कहा कि मैं बताना चाहूंगा कि बैठक में उनकी भावनाओं, टिप्पणियों ने हमें काफी प्रेरित किया। उन लोगों का कहना कि उनके पास कोई संपत्ति अधिकार नहीं है, तो उन्हें क्या पता देना चाहिए? लोग उन्हें कलंक की तरह देखते हैं, यहां तक कि उनकी जन्म तिथि का कोई विवरण तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद हमने तय किया है कि एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति देखेगी कि उन्हें मतदाता बनाने के लिए हमारी प्रक्रिया को किस तरह से सरल बनाया जा सकता है। चाहे फिर वो जन्म तिथि की बात हो, प्रमाणपत्रों या फिर संपत्ति का मालिकाना हक न होने पर खुद के हस्ताक्षर वाला शपथपत्र देना। कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने इस संबंध में बहुत काम किया है और वही इस समिति की अध्यक्षता भी करेंगे।