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एक देश, एक चुनाव: हर राज्य का दौरा करेगी संसद की संयुक्त समिति, आम सहमति बनाने की कोशिश

Wed, 01 Apr 2026 11:14 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

'एक देश, एक चुनाव' से जुड़े विधेयकों की जांच कर रही संसद की संयुक्त समिति आम सहमति बनाने के लिए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी। समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी के अनुसार, एक साथ चुनाव कराने से देश के भारी-भरकम संसाधनों की बचत होगी।
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One Nation One Election - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने यानी 'एक देश, एक चुनाव' की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस मुद्दे पर बनाए गए विधेयकों की जांच कर रही संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) अब देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करेगी। इसका मकसद इस मसले पर सभी राज्यों की राय जानना और आम सहमति बनाना है।
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समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद पीपी चौधरी ने कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' भारत के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि अगर देश में सारे चुनाव एक साथ होते हैं, तो भारत के करीब 7 लाख करोड़ रुपये के संसाधनों की बचत होगी, जिसका इस्तेमाल देश के विकास में हो सकता है।

वर्षों तक चल सकता है यह सिलसिला
पीपी चौधरी ने कहा कि समिति के सदस्यों का मानना है कि इतने बड़े फैसले के लिए हर राज्य से बात करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कमेटी एक साल में 5 से 6 राज्यों का ही दौरा कर पाएगी, जिसका मतलब है कि सभी राज्यों को कवर करने में कुछ साल का वक्त लग सकता है।
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क्यों जरूरी है यह सुधार?
पीपी चौधरी के मुताबिक, अभी अलग-अलग समय पर चुनाव होने से सरकारी कामकाज ठप हो जाता है। आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य रुक जाते हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और देश की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ पड़ता है। 'एक देश, एक चुनाव' से पूरे देश के लिए एक ही वोटर लिस्ट होगी और सरकारें बिना किसी रुकावट के 5 साल तक काम कर सकेंगी।
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बताते चलें कि दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए दो अहम विधेयकों की जांच के लिए इस कमेटी का गठन किया गया था। यह पूरा मामला पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर आधारित है।

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